प्रशासन पर अतिक्रमण की आड़ में अधिग्रहण करने का आरोप
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। पंचपुरी में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की आड़ में प्रशासन अपनी मनमर्जी पर उतारू है। किसी जनप्रतिनिधि व प्रबुद्ध नागरिक की नहीं सुनी जा रही है। जिनकी दुकानें व मकानों पर बुलडोर चलाया जा रहा है। उनके द्वारा वस्तुस्थिति जानने पर भी उनको कुछ नहीं बताया रहा है। प्रशासन अतिक्रमण पर पारदर्शिता नहीं बरत रही है। अधिकारी बुलडोर चलाने पर भी लोगों के निर्माणों पर भेदभाव बरत रहे है। जिसको किसी भी सूरत में बर्दशत नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन की मनमानी नहीं रूकी तो काग्रेंस सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी। इस बात की जानकारी पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ काग्रेंसी नेता अम्बरीष कुमार, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रहा्रचारी और युवा काग्रेंसी नेता पुरूषोत्तम शर्मा ने सयुंक्त रूप से प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि काग्रेंस पार्टी हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करती हैं और हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के सम्बंध् में आदेश दिये गये है। प्रशासन उस पर काम नहीं कर रहा हैं बल्कि अतिक्रमण हटाने की आड़ पर लोगों के भूमि का अधिग्रहण करने पर तुला है। अतिक्रमण हटाने में प्रशासन की मंशा साफ नजर नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि कनखल के कृष्णानगर में राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रदेश मार्ग के नाम पर जो उजाड अभियान चलाया गया। उस सम्बंध् में प्रशासन का तर्क हैं कि 1971 में मुआवजा लेकर भी लोगों ने भूमि पर कब्जा जमाया हुआ था। लेकिन प्रशासन ने आज तक 1971 में मुआवजा लेने वाले लोगों की सूची तक जारी नहीं की। यदि प्रशासन की बात सही हैं तो 1971 से अब तक प्रशासन ने उस भूमि का अधिग्रहण क्यों नहीं किया? क्या केवल अतिक्रमणकारी ही दोषी है। जिस विभाग की भूमि हैं क्या उस विभाग के अधिकारी जिम्मेदार नहीं कि उन्होंने भूमि का मुआवजा लेकर भी अपनी भूमि पर अतिक्रमण करने कियू दिया? उन्होंने कहा कि उन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमें दर्ज किये जाने चाहिए। पंचपुरी में जिस तरिके से अतिक्रमण हटाने की आड़ में जनता के साथ भेदभाव बरता जा रहा हैं वह ठीक नहीं है। प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण के नाम पर लोगों की भूमि का अधिग्रहण करने पर लोगों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। मा0 सुप्र्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट ने शहर हित में कई अन्य ओर भी आदेश प्रशासन को दिये। लेकिन क्या प्रशासन ने उन आदेशों का पालन किया? प्रशासन ने राजनीति दबाव के आगे उन आदेशों को ठण्डे बस्ते में डाल दिया। अतिक्रमण अभियान में पारदर्शिता नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाया हैं कि स्थानीय विधायक व शहरी विकास मंत्री और सासद अपने दायित्वों को नहीं निभा रहे है, कही न कही शहर को उजाड़ने में इनकी ही सहमति है। काग्रेंस पार्टी बुधवार को ललतारो पुल स्थित सेवा समिति भवन से हरकी पौडी तक मौन जुलूस निकालेगा। प्रेसवार्ता के दौरान धर्मपाल सिंह, रोशन लाल, सोम त्यागी, मुरली मनोहर आदि मौजूद थे।
