


मुकेश वर्मा/ अजय नेगी
हरिद्वार। गंगा दशहरा स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर शहर के वाल्मीकि चौक पर भारी जाम लग जाने स्थानीय लोगों व यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, ताजुब की बात ये रही कि कोतवाली नगर से चंद कदमो की दूरी पर लगे जाम की भनक पुलिस को नही लगी। जाम को खुलवाने के लिये एक भी सिपाही मौजूद नही था। जिस कारण लोगों को घण्टो जाम से दो चार होना पड़ा। इतना ही नही वहां से गुजरने वाले सिपाहियों को भी जाम से जूझना पड़ा। बताते चले कि शहर के बीच वाल्मिकी चौक पर जाम लगने से स्थानीय नागरिकों सहित यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। जिसके सम्बन्ध में स्थानीय नागरिकों सहित मीडिया द्वारा कई बार पुलिस अधिकारियों को लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिये वहां पर उचित सिपाही तैनाती का अनुरोध किया जा चुका हैं, लेकिन उसके बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई रूचि नही दिखाई दे रही हैं, वो बात अलग हैं कि अधिकारियों के कहने पर शुरुआत में सिपाही तो नजर आते हैं, लेकिन दो-तीन दिन बाद वहां से वह नदारत मिलते हैं। ऐसा नही की जाम की इस समस्या से केवल स्थानीय नागरिकों व यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती हैं, बल्कि जिला प्रशानिक अधिकारियों को भी जाम से जूझना पड़ता हैं। कियू की प्रशासनिक अधिकारियों को सीसीआर टावर जाने के लिये अधिकांश इसी मार्ग का इस्तेमाल किया जाता हैं। लेकिन उसके बावजूद शहर के बीच उत्पन्न जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई कारगर कदम कियू नही उठा पा रहे है, ये बात समझ से परे हैं। और न ही शहर में एकल यातायात व्यवस्था को लागू की जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना हैं कि यदि शहर में एकल यातायात व्यवस्था लागू कड़ाई से लागू की जाए तो एक हद तक शहर को जाम से बचाया जा सकता हैं। शहर के बीच वाल्मीकि चौक पर आए दिन लगने वाले जाम ने हर एक को रुला दिया हैं।
