महिला का हत्यारा दामाद ही निकाला
युवक का हत्यारा चालक मुम्बई से गिरफ्रतार
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। आखिर पुलिस ने ब्रहा्रपुरी महिला सहित चमगादड टापू पर युवक हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्रतार कर लिया है। महिला हत्याकाण्ड का हत्यारोपी उसका दामाद ही निकला। जबकि युवक के हत्या का आरोपी चालक को मुम्बई के एक होटल से गिरफ्रतार किया है। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस बात की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खण्डूरी ने नगर कोतवाली में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि ब्रहा्रपुरी हरिद्वार निवासी लक्ष्मी पत्नी डालचंद उम्र करीब 45 वर्ष की सिर पर वार कर हत्या कर दी थी। घटना की जानकारी 20 जनवरी की दोपहर को उस वक्त लगी, जब मृतका की बेटी व दामाद उससे मिलने के लिए उसके घर पहुंचे। महिला की हत्या 19 जनवरी की देर रात करीब 1-2 बजे की बीच सिर पर तेज धरदार हथियार से की गयी थी पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए घटना स्थल के आसपास के लोगों सहित मृतका की बेटी व दामाद से लम्बी पूछताछ गयी। लेकिन मृतका के दामाद बदलते बयानों पर पुलिस को उनपर शक हुआ। मगर कोई पुख्ता साक्ष्य न होने के कारण दामाद शंकर को छोड़ना पड़ा। लेकिन पुलिस ने मृतका की बेटी व दामाद को क्लीन चीट नहीं दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्या के सम्बंध् में करीब डेढ दर्जन संदिग्धों से पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस को काशीपुरा हरिद्वार निवासी दो लोगों से पूछताछ के दौरान हत्या के सम्बंध् अहम जानकारी मिली। इस जानकारी के बाद पुलिस ने दोबारा मृतका के दामाद शंकर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गयी। पुलिसियां पूछताछ के दौरान दामाद शंकर गिरि पुत्र राजेश गिरि निवासी मलिन बस्ती ब्रहा्रपुरी हरिद्वार टूट गया और सचाई उगल दी। हत्यारोपी शंकर ने पुलिस को बताया कि उसकी सास का चरित्र ठीक नहीं था। उसके पास मिलने वाले लोगों को आना जाना लगा रहता था। जिसने अपनी सास को काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। उसको डर था कि कही सास उसकी पत्नी को भी इस दलदल में न धकेल दे। शंकर 19 जनवरी की देर रात को उसने सास के कमरे से निकलते दो लोगों को देख लिया था। जिसको लेकर उसने सास को समझाने का प्रयास किया। लेकिन सास ने उलटा ही उसको डांट दिया। जिसकारण उसने गुस्से में कमरे में रखा पंखे की राड से सिर पर वार कर दिया, जिसपर उसकी सास लहुलुहान होकर गिर पड़ी तब उसने चुन्नी से उसका गला घोट कर जान से मार दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए कमरे का समान उथल पुथल कर दिया और वह वहां से निकल गया। पुलिस ने हत्यारोपी शंकर की निशानदेही से हत्या में प्रयुक्त लोहे की राॅड भी बरामद कर ली है। वहीं दूसरी ओर एसएसपी ने दूसरे हत्याकाण्ड का खुलासा भी करते हुए बताया कि 31 दिसम्बर 18 की सुबह रोडी बेलवाला चौकी पुलिस को सूचना मिली कि चमगादड़ टापू पर एक युवक का शव पड़ा हैं। इस सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव कब्जे में लेकर उसकी पहचान के प्रयास किए, लेकिन सफलता नही मिली। बताया जा रहा हैं कि जब पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि लावारिस हालत में खड़े वाहन पर रात को युवक का शव लाकर यहां फेंकने की जानकारी मिली। लेकिन वाहन वहां पर फंस गया था, जिसको निकालने के लिए चालक ने आसपास के लोगों से मदद लेने का प्रयास किया। मगर जब लोगों को चालक को युवक को वहां फेंकने के सम्बंध् में पूछा तो वह घबरा कर वहां से वाहन छोड़ कर फरार हो गया। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में पहचान परिजनों ने दीपू पुत्र स्व. मोहन लाल उम्र 38 वर्ष निवासी राम लीला मैदान हरिद्वार के रूप में की हैं। मृतक के भाई गुडडू की ओर से नगर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया हैं कि बीती रात 9 बजे उसका भाई दीपू भोपतवाला स्थित सद्भावना परिवार सेवाश्रम गौशाला गया था। जहां उसकी मुलाकात वहाँ के चालक अरुण शर्मा से हुई और उसके साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसपर अरुण शर्मा ने उसके भाई की हत्या कर शव चमगादड़ टापू पर फेंक कर फरार हो गया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर हत्यारोपी चालक की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने हत्यारोपी अरूण शर्मा पुत्र विनोद शर्मा निवासी वार्ड नम्बर 21 नरोदरा गेट मकडियां बालाजी के पास लक्ष्मणगढ सीकरी राजस्थान के घर पर दबिश दी गयी। लेकिन पता चला कि हत्यारोपी को परिजनों ने घर से बेदखल कर रखा था। जिसके बाद से अरूण शर्मा खानाबदोश की जिंदगी जी रहा था। पुलिस टीम हत्यारोपी की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान पुलिस को अरूण शर्मा के सम्बंध् में अहम सुराग मिला कि वह वर्ली मुम्बई में एक होटल में काम कर रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 22 जनवरी को होटल पर छापा मारकर गिरफ्रतार कर लिया। दोनों हत्यारोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
