हत्या में प्रयुक्त चाकू सहित बाइक बरामद
मुकेश वर्मा/ अजय नेगी
हरिद्वार। ज्वालापुर पुलिस ने क्षेत्र में हुई दो हत्याओं का खुलासा करते हुए तीन हत्यारोपियों को गिरफ्रतार करने में सफलता हासिल की है। जिनकी निशानदेही से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल गुप्ती सहित अन्य समान बरामद किया है। जिसका खुलासा नगर पुलिस अधीक्षक ममता बोहरा ने आज ज्वालापुर कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान किया। उन्होंने बताया कि 09 मई 18 को कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नया गांव जुर्स कंट्री के पीछे सुनसान रोड़ पर खेत के किनारे झाड़ियों पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। जिसकी पहचान विरेन्द्र गुसाई उर्फ विक्रांत पुत्र उदय सिंह निवासी नत्थूवाला थाना रायपुर देहरादून के रूप में हुयी थी। उसी दिन रेलवे ट्रेक से पुलिस ने एक ओेर शव बरामद किया था। जिसकी पहचान जितेन्द्र उपर्फ संजय राणा पुत्र राजकुमार निवासी निहाल खेड़ी जिला सहारनपुर भी था। पोस्टमार्टम में दोनों की मौत का कारण भी चाकू से होना पाया गया था। पुलिस ने दोनों हत्या के सम्बंध् में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि 29 जून को ज्वालापुर पुलिस को दोनों हत्याओं के सम्बंध् में मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। जिसपर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने राजू उर्फ राजकुमार उर्फ सोनू पुत्र रेहतु चौधरी निवासी गणेश विहार सीतापुर कोतवाली ज्वालापुर हरिद्वार, नीरज राणा पुत्र राजेन्द्र राणा निवासी नया गांव जुर्स कन्ट्री के पीछे ज्वालापुर हरिद्वार और अभिनय कुमार उर्फ विक्की पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम लगन टाकिया पो0ओ0 शेरघाटी थाना शेरघाटी जिला गया बिहार को हरिलोक तिराहा से गिरफ्रतार किया। पूछताछ के दौरान तीनों ने उक्त दोनों युवकों की हत्या करना स्वीकार किया।एसपी सिटी ने बताया कि राजू उर्फ राजकुमार को एक महिला रितू पत्नी राहुल से बहुत प्यार करता था। रितू काफी समय तक राजू के साथ उसके घर पर भी रही थी राजू ने उसे रानीपुर मोड़ के पास किराये पर एक फ्रलैट में रखा था। जितेन्द्र उर्फ संजय राणा व विरेन्द्र उर्फ विक्रांत ने बिना वजह दखल अंदाजी करके रितू को उसके पति राहुल के साथ भेज दिया। तभी से राजू की जितेन्द्र व बिरेन्द्र उर्फ विक्रांत से दुश्मनी रखने लगा और दोनों को ठिकाने लगाने का मन बना लिया। उन्होंने बताया कि राजू उर्फ राजकुमार ने योजना तैयार कर 08 मई को जितेन्द्र राणा और बीरेन्द्र उर्फ विक्रांत से मिलने के लिये फोन किया। जब जितेन्द्र व बीरेन्द्र राजू के घर पहुंचे तो वहा पर पहले से ही राजू के दो अन्य दोस्त अभिनय कुमार उर्फ विक्की व नीरज राणा मौजूद थे। योजना के तहत वह दोनों जितेन्द्र राणा व बीरेन्द्र को पार्टी के लिए रानीपुर झाल की ओर ले गये। जहां पर रानीपुर झाल से पहले शराब के ठेके से शराब ली ओर रानीपुर झाल पर बैठकर पी। जब काफी नशा होने के बाद किसी बहाने से राजकुमार ने जितेन्द्र को अपने घर भेज दिया और विक्की को रामानन्द इंस्टीटयूट से नया गांव जाने वाले रास्ते पर भेज दिया। कुछ देर बाद राजू, नीरज और विक्रांत बाइक से नये गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर चल दिये। जहां सुनसान रास्ते पर विक्की खड़ा हुआ मिला जहां पर इन तीनों ने मिलकर गुप्ती से बीरेन्द्र की हत्या कर दी और उसका शव वहीं रास्ते में फैंक दिया और उसकी पहचान छुपाने के लिये उसकी शर्ट मोबाईल और पर्स को निकालकर पुल जटवाड़ा से नहर में फैंक दिया। राजू के घर पहुंचे तो वहां पर जितेन्द्र कुमार राणा शराब के नशे में सोता हुआ मिला, जिसे यह तीनों उठाकर रेलवे पटरी पर ले गये जहां पर इन तीनों ने मिलकर उसी गुप्ती से जितेन्द्र कुमार राणा को मार कर रेलवे ट्रेक पर फैंक दिया। एसपी सिटी ने बताया कि इनके द्वारा जितेन्द्र राणा के कपडे व मोबाईल फोन व पर्स को निकालकर नहर में फैंक दिये और जितेन्द्र राणा के ऊपर से ट्रेन गुजरने का इंतजार करने लगे। 09 मई को सुबह के समय एक ट्रेन वह से गुजरी और उसने जितेन्द्र राणा का शव क्षत विक्षिप्त कर काट गया। फिर यह तीनों घर वापस आ गये और इन तीनों ने अपने खून से सने हुये कपडों को तथा जिस गुप्ती से इन तीनो के द्वारा जिन दोनों व्यक्ति की हत्या की गयी थी उसे एक बैंग में रखकर इन तीनों द्वारा रेल पटरी के किनारें झाड़ियों में फैंक दिया। एसपी सिटी ने बताया कि हत्यारोपियों की निशानदेही से बैंग व बाइक भी बरामद कर ली है। पुलिस ने तीनों हत्यारों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। प्रेसवार्ता के दौरान ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
