प्रेस वार्ता के जरिये लगाई सुरक्षा की गुहार
चेतायाः पुलिस नहीं करती कार्यवाही तो जान देगा परिवार
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। एक परिवार ने पडोसी व्यक्ति पर धेखाधडी कर भूमि हड़पने का प्रयास करने तथा जान-माल की सुरक्षा की गुहार पुलिस प्रशासन से लगाई है। आरोप हैं कि आरोपियों की शिकायत करने के बावजूद भी पुलिस कोई कार्यवाही नही कर रही है। अगर पुलिस कार्यवाही नहीं करती हैं और परिवार की सुरक्षा आरोपियों से नहीं करती हैं, तो परिवार जान दे देगा। इस बात की जानकारी देते हुए पीडित मुराद अली पुत्र ताहिर निवासी ग्राम मुस्तफाबाद पथरी हरिद्वार, मां रूकसाना, पिता ताहिर सहित बहन, जीजा मौ. गयूर अंसारी के साथ प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी पीडा व्यक्त की है। पीडित परिवार ने बताया कि पडौसी दिलशाद पुत्र मंगता ने उनकी गरीबी व पडौसी का नायायज लाभ उठाते हुए उनकी साढे दस बीघा भूमि को साजिश के तहत यह भरोसा दिलाते हुए कि इस भूमि के बदले उनको दस बीघा भूमि व 15 लाख रूपये गुजर बस्ती जहां पर हवाई पटरी बननी है, वहां पर दिलावा देने के भरोसा दिलाते हुए उनकी दस बीघा भूमि अपने नाम करा ली। पीडित परिवार ने बताया कि दिलशाद ने ना तो भूमि के बदले भूमि ही दिलायी ना ना ही 15 लाख। जब उनको दिलशाद की साजिश का पता चला तो उन्होंने भूमि की दाखिल खरिज न हो इसके लिए तहसील में शिकायती पत्र देकर रूकवा दिया। मगर इसी बीच दिलशाद ने उक्त भूमि की रजिस्ट्री मुबारिक को बेच दी। जिसने उक्त भूमि को अपने बच्चों के नाम कर दिया। लेकिन अभी तक भूमि का कब्जा पीडित परिवार के पास है। इसलिए लगातार दिलशाद व मुबारिक उनको धमका रहे है। जिसके सम्बंध् में थाने में तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। पीडित मुराद अली ने बताया कि उसके पिता हार्ट के पेशंट है, जिनको पूर्व में दिल का दौरा पड़ चुका है। जब उनको पता चला कि पूरी साजिश में पूर्व प्रधान फजल का भतीजा मुबारिक आदि लोग है, तो मामला समझते देर नहीं लगी। क्यों कि वर्ष 2007 में उसके पिता ताहिर से फजल, युनूस, शेर अली, मुबारिक, अब्दुल वाहिद, जावेद आदि ने उक्त भूमि का सौदा मुजफ्रफरनगर की एक पार्टी से 28 लाख 50 हजार में तय कराया था। जिसके सम्बंध् में उक्त लोगों ने मुजफ्रफरनगर की पार्टी से भूमि के एवज में 18 लाख 40 हजार की नगदी ले ली थी और रजिस्ट्री कराने के लिए छः माह का समय दिया गया। लेकिन वह रकम उसके पिता को नहीं दी गयी थी। क्यों कि उक्त सभी लोग उनके रिश्तेदार थे और उसके नाना अब्दुल वाहिद व मामा जावेद खुद उनमें शामिल थे। उन्होंने यह कहते हुए रकम अपने पास रख ली थी कि इतनी बडी रकम तुम अकेले तहसील से घर लेकर कैसे लेकर जाओगें, कल घर पर ही यह रकम पहुंचा देगेें। उन्होंने बताया कि उक्त लोगों ने बहाना बनाया कि पूरी रकम उन्होंने कही ओर लगा दी हैं लेकिन जिस वक्त भूमि की रजिस्ट्री होगी पूरी रकम उसी वक्त दे देगें। लेकिन मुजफ्रफरनगर पार्टी ने रजिस्ट्री का समय 11 माह करा लिया। उसके बाद जब पैसा नहीं मिला तो मुजफ्रफरनगर की पार्टी के साथ विवाद हो गया। इसी बीच उक्त लोग उनसे रजिंश रखने लगे और उनकी भूमि को हथियाने के लिए साजिश रचने लगे। जिसके लिए उन लोगों ने उनके पडौसी दिलशाद को मोहरा बनाया। पीडित ने बताया कि इस बात को खुद दिलाशाद ने कबूला है। अब उक्त लोग परिवार पर भूमि उनके हवाले करने का दबाव डालते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे है। जिसकी शिकायत थाने में की गयी, मगर पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। क्योंकि उक्त लोग दबंग व्यक्ति है। उन्होंनेे उक्त लोगों से परिवार के लोगों की जान का खतरा बताते हुए पुलिस आलाधिकायों से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीडित परिवार ने चेताया हैं कि अगर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करती तो परिवार जान दे देगा।
