
यात्रियों से सुलभ शौचालयों में पांच से दस रूपये वसूले जा रहे
स्वास्थ्य सेवाए भी हैं भगवान भरोसे, व्यवस्थाओं को लेकर रोष
मुकेश वर्मा/अजय नेगी
हरिद्वार। प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक्स जर्नलिस्ट एसोशिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश चैहान ने कहा कि विश्व विख्यात तीर्थनगरी में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन हरिद्वार में लगा रहता है। जिनके सुख सुविधाओं के लिए प्रदेश सरकार करोड़ों रूपया खर्च करती है। लेकिन दुर्भाग्य हैं कि उसके बावजूद भी श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार तीर्थनगरी में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शौचालयों व मूत्रालयों की शहर में कमी होने के कारण उन्हे बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं शहर के भीतर मौजूदा सुलभ शौचालयों की अगर बात करें तो मूत्रालय व शौच के नाम पर पांच से दस रूपये वसूले जा रहे है। मंहगाई के दौर में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है। श्री चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन तीर्थनगरी में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी को गम्भीरता से नहीं ले रहा है। जिसको लेकर स्थानीय नागरिकों सहित श्रद्धालुओं में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भारी रोष व्याप्त है। अब जबकि हरिद्वार में श्रवण मास कांवड मेला आयोजित होने जा रहा हैं। जिसमें प्रशासन द्वारा करोड़ो कांवडियों के आगमन का अनुमान लगाया जा रहा है। जिनकी व्यवस्था के बड़े-बडे दावे किये जा रहे है। यदि तीर्थनगरी में शौचालय की अगर बात करें तो स्थिति बेहद खराब है। श्रद्धालुओं की सुख सुविधाओं के प्रति प्रशासन द्वारा पूरी तरह उदासीन है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों व श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य सुविधाए भी कुछ खास नहीं है। यदि रात्रि में किसी पर्यटक व श्रद्धालु की तबीयत अगर बिगड जाये तो उसके उपचार व दवा के लिए कोई खास इंतजाम तक नहीं है। जिला अस्पताल की अगर बात करें तो उसकी स्थिति किसी से छुपी नहीं है। वहां पर मरीजों के साथ किस तरह का व्यवहार और उनका उपचार किया जाता है। एसोशिएन के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश चौहान ने जिला प्रशासन से हरिद्वार पहुंचने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुख सुविधाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भी गम्भीर होकर उचित कदम उठाने की मांग की है।
