♦यू-ट्यूबर अपने दो साथियों के साथ कर रहा महिला का मानसिक रूप से उत्पीडन
♦प्लाट दिलाने के नाम पर महिला से ढाई लाख हड़पने का आरोप
♦फेरूपुर चौकी पुलिस के दबाब में आरोपियों ने किये एक लाख वापस
♦आरोपः महिला से यू-ट्यूबर समेत तीनों अवैध सम्बंध बनाने का कर रहे प्रयास
♦पीडिता का पति साउदी अरब मे कर रहा पिछले दो सालों से नौकरी
♦महिला का वीडियों बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर किया जा रहा बदनाम
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। एक महिला ने यू-ट्यूबर समेत तीन लोगों के द्वारा मानसिक उत्पीडन से परेशान होकर जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से अपने दो बच्चों के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। महिला द्वारा अपने बच्चों के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति का मामला प्रकाश में आते ही प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। जिलाधिकारी ने एसएसपी हरिद्वार और अपर जिलाधिकारी को मामले की गम्भीरता देखते हुए पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कार्यवाही को कहा गया है। इस मामले की जानकारी पथरी थाना क्षेत्र निवासी पीडिता ने एनजीओ जनकल्याण समिति उत्तराखण्ड के मीडिया प्रभारी के साथ प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
पीडिता ने आरोप लगाया कि गांव के ही यू-ट्यूबर ने उसको एक प्लाट दिखा कर खरीदने के नाम पर उससे ढाई लाख की रकम एडवास के तौर पर ली। लेकिन यू-ट्यूबर ने प्लाट नहीं दिलाया और उसको टाल मटोल करता रहा। जब उसके द्वारा अपने दिये गये एडवास पैसे वापस मांगना शुरू किया तो यू-ट्यूबर ने गांव के ही दो अन्य अपने साथियों के साथ मिलकर उसको धमकाना शुरू कर दिया। जिसकी शिकायत चौकी फेरूपुर पुलिस से की गई, तो पुलिस के दबाब में आरोपियों ने समझौता करते हुए एक लाख रूपये वापस करते हुए शेष राशि अप्रैल में देने का वादा किया।
पीडिता ने बताया कि वह गांव में अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ अकेली रहती हैं। उसका पति पिछले दो सालों से साउदी अरब में नौकरी कर रहा है। यू-ट्यूटर इसी बात का फायदा उठाकर अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर शेष राशि ना देने के लिए उसका मानसिक उत्पीडन कर रहे है। महिला का आरोप हैं कि यू-ट्यूबर द्वारा अपने साथियों सहित उसके साथ सामूहिक अवैध सम्बंध बनाने के लिए भी दबाब बनाये हुए है। आरोप हैं कि गत दिनों यू-ट्यूबर अपने दोनों साथियों के साथ देर रात करीब डेढ बजे उसके घर पर पहुंचा और दरवाजा खटखटाते हुए उसको निवस्त्र कर सामूहिक बलात्कार करने की धमकी देने लगा। जिसपर वह घबरा गई और 112 पर कॉल किया, लेकिन नेटवर्क ना होने के कारण बात नहीं हो सकी। तभी उसके द्वारा एनजीओ जनकल्याण समिति उत्तराखण्ड से सम्पर्क कर मदद की गुहार लगाई।
महिला का आरोप हैं कि पिछले दो सालों से उसके द्वारा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से यू-ट्यूबर व उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ कार्यवाही करने के सम्बंध में गुहार लगाई जा रही है। लेकिन पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। इतना ही नहीं पीडित महिला ने आरोप लगाया कि उक्त लोगों द्वारा उसकी वीडियों बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर उसकी छवि खराब करने के लिए बदनाम किया जा रहा है। यू-ट्यूबर व उसके दो अन्य साथियों के मानसिक उत्पीडन से परेशान होकर उसने अपने दोनों छोटे-छोटे बच्चों के साथ इच्छा मृत्यु के लिए जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से अनुमति की मांग की है।
