♦आपदा प्रबंधन टीम ने झुलसे लोगों को कराया जिला अस्पताल में भर्ती
♦दो लोगों को उपचार के बाद दी छुट्टी, एक को किया हॉयर सेंटर रेफर
♦वन संपदा को वनअग्नि से बचाने के लिए डीएम के निर्देशन में हुई मॉक ड्रिल
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। मनसा देवी की पहाड़ी पर आग लगने की सूचना पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आपदा प्रबंधन की टीम ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पहाडी पर लगी आग की चपेट में आने से तीन लोग झुलस गये, जिनको आपदा प्रबंधन टीम ने रेस्क्यू करते हुए उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी एवं इंसीडेंट कमांडर स्वप्रिल अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि वन संपदा को आग से बचाने के लिए त्वरित राहत, बचाव एवं आग पर काबू पाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आज आपदा प्रबंधन टीम एवं वन विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ,अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग एव राजाजी नेशनल पार्क के संयुक्त तत्वाधान में मॉक ड्रिल किया गया।
उन्होंने कहा की वन अग्नि की घटना में तीन लोग आग की चपेट मे आने से झुलस गये। जिनको आपदा प्रबंधन टीम द्वारा त्वरित राहत एव बचाव कार्य करते हुए रेस्क्यू कर एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां आंशिक रूप से घायल दो व्यक्तियों को उपचार उपरांत डिस्चार्ज कर दिया। जबकिं एक गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को उपचार के लिए हॉयर सेंटर रेफर कर दिया। इस दौरान एक चीतल शावक भी आग की चपेट में आने से झुलस गया, जिसको चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया।
उन्होंने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मानसा देवी क्षेत्र में आगामी फायर सीजन की तैयारियों को पुख्ता करने के लिए दो दिवसीय विशेष अभ्यास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के प्रथम चरण में 17 फरवरी को रानीपुर वन विश्राम गृह, राजाजी टाइगर रिजर्व में एक टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित किया गया। जिसमें प्रशासन के समस्त संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस सत्र के दौरान वनाग्नि की आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति बनाई गई और विभागों के बीच आपसी समन्वय व उत्तरदायित्वों को रेखांकित किया गया।
उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का अभियान के दूसरे चरण में 18 फरवरी 2026 को मानसा देवी के चुनौतीपूर्ण वन क्षेत्र में फायर मॉक ड्रिल के माध्यम से रणनीतियों का धरातल पर सजीव परीक्षण किया गया। जिसमें त्वरित कार्यवाही हेतु 5 मिनट में टीमो की तैनाती की गई। जिसमें 11 विभागों का प्रभावी समन्वय रहा तथा वनअग्नि पर 1 घंटा 45 मिनट में पूर्ण रूप से नियंत्रण किया गया।
इस मौक ड्रिल ड्रिल में राजाजी पार्क के वार्डन अजय लिंगवाल, जिला शिक्षा अधिकारी अमित चंद, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, एसडीओ वन विभाग पूनम कैथोला सहित स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन, पुलिस विभाग, अग्निशमन, वन विभाग, जल संस्थान, लोनिवि, राजाजी टाइगर रिजर्व विभाग, जिला पूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग आदि विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया।





