देहरादून से दम्पति देर रात ट्रेन से पहुंचा था हरिद्वार
रेलवे स्टेशन के बाहर प्रसव पीड़ा पर दी थी एम्बुेंस को सूचना
सूचना के एक घंटे बाद पहुंची एम्बुलेंस, कराया भर्ती
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। एम्बुलेंस न पहुंचने पर एक महिला ने गुरूवार की देर रात सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। सूचना के एक घंटे बाद पहुंची 108 एम्बुलेंस जच्चे-बच्चे को लेकर महिला अस्पताल पहुंची। चिकित्सकों ने जच्चे-बच्चे का जांच के बाद भर्ती कर लिया। चिकित्सकों के अनुसार मां-बेटा स्वास्थ्य है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून से एक दम्पति देर रात हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। महिला गर्भवती थी, जिसको अचानक प्रसव पीड़ा हुई। दम्पति जल्दी ही हॉस्पिटल जाने के लिए सड़क पहुंचे। बताया जा रहा हैं कि महिला को प्रसव पीडा अधिक होने पर आसपास के लोगों ने मदद करते हुए 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। आरोप हैं कि सूचना देने के बाद भी 108 एम्बुलेंस नहीं पहुंची, इसी दौरान देर रात महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
बताया जा रहा हैं कि कोई ओर कपड़ा न होने की वजह से व्यक्ति ने अपनी शर्ट उतार कर बच्चे को ढग लिया। करीब एक घंटा देर से पहुंची एम्बुलेंस जच्चे-बच्चे को लेकर महिला हॉस्पिटल पहुंचीं जहां पर चिकित्सक ने मां—बच्चे की जांच करते हुए दोनों को अस्पताल में भर्ती कर लिया। महिला का नाम रीना पत्नी राम बाबू उम्र करीब 35 साल निवासी मोती हारी बिहार हाल सहस्त्र धारा देहरादून के रूप में हुई है।
राम बाबू ने बताया कि वह देहरादून में राजमिस्त्री का काम करता है, लेकिन कोई काम न होने के वजह से खर्च चलना मुश्किल हो रहा था। उसकी पत्नी ने बिहार चलने केे लिए कहा था। लेकिन बिहार जाने तक के लिए उनके पास पैसे नहीं थे, तब उसने पत्नी को बोला क्यों न हरिद्वार चलते हैं और वहां पर 5-10 दिन काम करने के बाद पैसे होगें, जब वह अपने घर बिहार चलेगें। दोनों रात को ट्रेन से हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंचे, तभी पत्नी को दर्द उठ गया। लोगों ने मदद कर एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन नहीं पहुंचने पर उसकी पत्नी ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
सूचना के एक घंटे बाद एम्बुलेंस पहुंची और अस्पताल ले आयी। लेकिन उसकी पत्नी और बच्चा दोनों स्वास्थ्य है। राजकीय महिला चिकित्सालय सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि 108 एम्बुलेंस तड़के एक नवजात बच्चे के साथ महिला को लेकर महिला अस्पताल पहुंची थी। शिशु बाल रोग विशेषज्ञ ने दोनों की जांच की तो दोनों स्वस्थ्य है। जिनको अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। इस घटना ने 108 एम्बुलेंस की एमरजेंसी सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है कि उनकी सेवाए कितनी सार्थक निकल रही है।
