♦भाई के हत्यारों के हरिद्वार पहुंचने पर उनको ठिकाने लगाने की थी पूरी तैयारी
♦मुजफ्फरनगर से भाई की हत्या का बदला लेने के लिए पहुंचा था हरिद्वार
♦सप्तऋषि क्षेत्र में एक आश्रम लीज पर लेकर संचालित कर रहा था होटल
♦वर्ष 2010 पंचायत चुनाव में हुई थी मनोज के भाई की हत्या, चार थे हत्यारोपी
♦दो हत्यारोपी जेल से जमानत पर थे बाहर, जिनकी हरिद्वार पहुंचने की थी सूचना
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत सप्त़ऋषि क्षेत्र स्थित चित्रकूट घाट के पास पुलिस ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध को दबोचा है। जिसके पास पीठू बैंग से पुलिस ने 32 बोर की दो पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किये है। आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हरिद्वार आया था और एक आश्रम को लीज पर लेकर होटल के तौर पर संचालित कर रहा था। इस बात की जानकारी एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस बीती देर शाम क्षेत्र में गश्त पर था, इसी दौरान सप्तऋषि क्षेत्र के चित्रकूट घाट पर पुलिस को एक संदिग्ध नजर आया। संदिग्ध पुलिस को देखकर सकपका गया और भाग खडा हुआ। जिसपर पुलिस को शक होने पर उसका पीछा कर कुछ ही दूरी पर उसको दबोच लिया। पुलिस ने संदिग्ध के पास मौजूद पीठू बैंग की तलाशी लेने पर उसमें दो पिस्टल 32 बोर और 10 जिंदा कारतूस बरामद किये। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम मनोज कुमार पुत्र महावीर सिंह निवासी ग्राम बुडीना कला थाना तितावी जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश बताया है।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वर्ष 2010 पंचायत चुनाव में उसके भाई की हत्या कर दी गई थी। जिसमें चार लोग शामिल थे, जिनमें दो हत्यारोपी जमानत पर जेल से बाहर है। जिनसे अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हत्यारों को ठिकाने लगाने लिए मौके की तलाश में था। इस बीच उसे खबर मिली कि उसके भाई के दो हत्यारे इस समय जेल से बाहर हैं हरिद्वार आ रहे हैं। जिसके चलते उसने उनको ठिकाने लगाने के लिए पूरी तैयारी की थी। आरोपी मनोज कुमार ने पुलिस पूछताछ के दौरान बरामद किये गये हथियारों के सम्बंध में महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस से साझा की है। इसके अलावा पुलिस आरोपी के अपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
