♦जेल में बंद पत्नी से मिलने पहुंचने पर जेल स्टाफ द्वारा टोका-टाकी करने से था नाराज
♦पत्नी ने ही कुख्यात के नाम पर जेल अधीक्षक को धमकी देने के लिए था बोला
♦जिला कारागार रोशनाबाद जेल अधीक्षक का मोबाइल नम्बर भी पत्नी ने ही कराया था उपलब्ध
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। सिडकुल पुलिस ने जिला कारागार रोशनाबाद, हरिद्वार के जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से मोबाइल पर अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसके पास से पुलिस ने 315 बोर का एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि जेल में बंद अपनी पत्नी से मुलाकात करने पहुंचने पर टोका टांकी करने से नाराज था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। इस घटना का खुलासा एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने रोशनाबाद स्थित कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान किया।
उन्होंने बताया कि जिला कारागार रोशनाबाद हरिद्वार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने सिडकुल थाने में तहरीर देकर शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि उसके मोबाइल फोन पर 11 सितम्बर को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने तहरीर में जेल मंे बंद एक महिला के पति पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए शक जाहिर किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर धमकी दी गये मोबाइल नम्बर की कुंडली खंगालते हुए जांच शुरू कर दी।
कप्तान ने बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान धमकी देने वाले आरोपी को सूर्य नगर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम हिमांशु चोढा पुत्र श्याम लाल चोढा निवासी बी-01/1081, सत्संग रोड, सिविल लाइन, भारत नगर चौक, लुधियाना, पंजाब हाल निवासी गली नंबर 6, आईडीपीएल, जनपद देहरादून बताते हुए खुलासा किया कि उसकी पत्नी शीला जिला कारागार में बंद है। जेल में पत्नी से मुलाकात के दौरान जेल स्टाफ द्वारा उससे अधिक पूछताछ किए जाने से वह नाराज था।
एसएसपी ने बताया कि दबोचे गये आरोपी के अनुसार उसकी पत्नी ने उसे जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी देने को कहा गया था इतना ही नहीं पत्नी ने जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया था। इसके बाद आरोपी ने लुधियाना जाकर अपने आधार कार्ड से नया सीम लेकर जेल अधीक्षक के मोबाइल पर धमकी भरे मैसेज भेजे। आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने पर जेल अधीक्षक को डराने के उद्देश्य से वह अपने पास पहले से रखे 315 बोर के तमंचे व कारतूस के साथ लुधियाना से हरिद्वार आया था और जेल की ओर जा रहा था, तभी पुलिस ने उसको पकड लिया।
