पुलिस टीम ने बिहार के नवादा जिले में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर से दबोचे
आरोपियों में एक नाबालिग, विधिक कार्यवाही के बाद परिजनों को सौपा
ठगों ने लंदन यूनाइटेड किंगडम की आईपी से बनाई फर्जी वेबसाइट
आरोपियों ने की मात्र 15 दिन में लोगों से 16.3 लाख रूपये की ठगी
एक आरोपी को पुलिस टीम ट्रांजिट रिमांड हासिल कर हरिद्वार लेकर पहुंची
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। पंजजलि योगपीठ हरिद्वार के नाम से फर्जी आईडी बनाकर लोगों को इलाज के नाम पर फर्जी बुकिंग कर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बिहार से नाबालिग समेत दो को दबोचा है। जिसमें नाबालिग को पुलिस ने विधिक कार्यवाही के पश्चात परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जबकि एक आरोपी को पुलिस ने बिहार के न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल कर हरिद्वार लाया गया है।

पुलिस ने आरोपी से तीन मोबाइल फोन बरामद किये है। जिनके द्वारा लोगों को गुमराह करते हुए उनको ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपी से गिरोह मे अन्य लोगों के सम्बंध में जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही है। इस बात की जानकारी एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार ने रविवार को मायापुर चौकी में पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि 02 अगस्त 23 को आचार्य रजनीश उर्फ स्वामी बजरंग देव निवासी पतंजलि योगपीठ जिला हरिद्वार ने बहादराबाद थाने में तहरीर देकर शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि विगत कुछ महीनों से पतंजलि के नाम पर अज्ञात लोगों द्वारा लंदन यूनाइटेड किंगडम की आईपी से फर्जी वेबसाइट तैयार कर लोगों को गुमराह करते हुए इलाज के नाम पर फर्जी बुकिंग कर ठगी की जा रही है। जिससे पतंजलि योगपीठ की आम छवि खराब हो रही है।

शिकायत के साथ 03 मामलों में करीब 2 लाख की ठगी किये जाने के दस्तावेज भी संलग्न किये थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करते हुए मामले से आलाधिकारियों को अवगत कराया गया। एसएसपी के निर्देश पर ठगी का खुलासा करते हुए आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की।

उन्होंने बताया कि पुलिस टीम को जांच के दौरान पता चला कि ठगों द्वारा फर्जी आईडी के सिम निकलवाकर भिन्न-भिन्न ऑनलाइन वॉलेट, पेटीएम बैंक, फाइनकेयर बैंक, इक्विटस बैंक आदि खातों से फ्रॉड अमाउंट को ट्रांसफर किया जाता है तथा छल से ही प्राप्त भोले भाले लोगों के खातों का एक्सेस लेकर उनसे विड्रॉल किया जाता है। साथ ही आईएफएससी कोड को भी काउंटरफीट कर के हरिद्वार का डिस्प्ले कर देते हैं।

जिससे पीड़ित को विश्वास हो जाता है कि यह खाता पतंजलि योगपीठ का ही है, जबकि वास्तविक रूप से खाते बंगाल, बिहार, उड़ीसा व तमिलनाडु के पाए गए हैं। इस प्रकार अभियुक्तों के खाते की केवाईसी का स्थान, एटीएम विड्रॉल का स्थान, कॉलिंग नंबर की लोकेशन, तथा वेबसाइट क्रिएशन का स्थान आदि यूनाइटेड किंगडम तथा देश के अन्य भिन्न भिन्न स्थानों का होना पाया गया।

एसपी सिटी ने बताया कि गठित टीम ने तत्परता एवं दक्षता से कार्यवाही करते हुए 10 अगस्त को बिहार के नवादा जिले के ग्राम सोहजाना से बुकिंग के लिए बने फर्जी कॉल सेंटर से दो साइबर ठगों को ग्रामीणों के भारी प्रतिरोध के बाबजूद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किये। ठगों से बरामद किये गये मोबाइल फोन की जांच की गई तो मालूम हुआ कि सॉफ्टवेयर की मदद से ठग अपने फोन को पॉरोक्सी लोकेशन किसी अन्य स्थान की कर सकते है।

जिससे दौराने जांच पीड़ित को जिस नंबर से कॉल आती है, उनकी लोकेशन देश के अलग-अलग शहरों मुंबई, असम, कोलकाता की आती थी। पुलिस टीम ने गिरफ्तार किए गए ठगांे में एक नाबालिग होने के कारण उसको विधिक कार्यवाही के पश्चात उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

उन्होंने बताया कि जबकि दूसरे आरोपी सुरेंद्र चौधरी पुत्र बिशुन चौधरी निवासी ग्राम कविरपुर, थाना शेखुपुर सराय, जिला शेखपुरा बिहार को माननीय सीजीएम कोर्ट नवादा बिहार में पेश कर उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल कर हरिद्वार लाया गया है। आरोपी के व्हाट्सएप चैट तथा मौजूद अन्य दस्तावेजों से पता चला कि आरोपियों ने मात्र 15 दिन में लोगों से 16.3 लाख रूपये की ठगी की।
विगत कुछ ही माह में ठग सुरेंद्र ने दो नए मकान तथा एक बोलेरो और एक स्कॉर्पियो कार खरीदी ली। पुलिस टीम आरोपी के बयान व मोबाइल से मिले अहम साक्ष्यों के आधार पर गिरोह में शामिल फरार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी को मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान ठगी का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम मौजूद रही।
