घटना का मास्टर मांइड पूर्व में डाल चुका देहरादून में डकैती
देहरादून की डकैती के समझौते के लिए थी 60 लाख की जरूरत
32 बोर पिस्टल, दो 315 बोर तमंचे, कार व स्कूटी बरामद
एसएसपी की ओर से पुलिस टीम को 25 हजार ईनाम की घोषणा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। मोरा तारा ज्वेलर्स पर फॉयर झौकने तथा कुख्यात के नाम से 50 लाख की फिरौती मांगने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्रतार कर लिया। जिनके पास से पुलिस ने एक पिस्टल, दो तमंचे और जिंदा कारतूस, हुण्डई कार और एक स्कूटी बरामद की है।
घटना का मास्टर माइंड पूर्व में अपने सगे भाई के साथ मिलकर देहरादून में भी डाल चुका डकैती और मुरादाबाद में बैंक में कलर्क की नौकरी से बर्खास्त है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। घटना का खुलासा एसएसपी डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को कोतवाली ज्वालापुर परिसर में पत्रकार वार्ता के दौरान किया।

कप्तान ने बताया कि मोरातारा ज्वेलर्स निपुण मित्तल पुत्र नवीन चन्द्र निवासी मयूर बिहार आर्य नगर ज्वालापुर हरिद्वार पर 26 जुलाई की रात को शोरूम से स्कूटी से घर लौटते वक्त बदमाशों ने फॉयर किया था। जिसके सम्बंध में ज्वेलर्स की ओर से अज्ञात के खिलाफ 27 जुलाई को तहरीर देकर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया गयाा था।
इसी दौरान 27 जुलाई को ही ज्वेलर्स को मोबाइल पर कुख्यात सुनील राठी के नाम से 50 लाख की फिरौती मांगी गयी थी और उसपर फॉयर करने की बात भी कबूली थी। पीडित की इस जानकारी पर पुलिस की चार टीमें गठित की गयी। जिनमें सीआईयू को भी शामिल किया गया। पुलिस की पहली टीम ज्वेलर्स के घर और शोरूम के आसपास सादी वर्दी में तैनात करते हुए ज्वैलर्स से सम्पर्क बनाये रही। दूसरी टीम मंे सीआईयू सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की टोह लेते हुए विभिन्न राज्यों के शहरों में छापेमारी में जुटी रही। तीसरी टीम ज्वैलर्स के पड़ी दिनदहाड़े डकैती में शामिल बदमाश जोकि जमानत पर बाहर हैं उनपर नजर बनाते हुए सीआईयू से सीधे सम्पर्क में रही और चौथी टीम घटना स्थल के आसपास लगे सरकारी व निजी सीसीटीवी कैमरों की फूटेज खंगालने में जुटी रही।
कप्तान ने बताया कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में स्कूटी सवार ज्वेलर्स का पीछा करने वाले स्कूटी सवार दो युवक रानीपुर मोड़ की ओर से आते देखे गये। जिसपर भगत सिंह चौक पर लगे सरकारी सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया तो पाया कि जो युवक स्कूटी से पीछा करते नजर आये थे। भगतसिंह चौक पर लगे सरकारी सीसीटीवी कैमरे में पीछा करने वाले स्कूटी सवार युवकों में पीछे बैठा युवक हुण्डई कार से उतर कर स्कूटी पर सवार हुआ था। हुण्डई कार में तीन-चार युवक नजर आये। जबकि हुण्डई कार के नम्बर का रजिस्ट्रर नम्बर को चैक किया गया तो कार प्रदीप कुमार पुत्र सुरेश निवासी रावली महदूद बहादराबाद हरिद्वार के नाम पर रजिस्टर्ड मिली। रजिस्ट्रेशन में दिये गये नम्बर की कॉल डिटेल खंगालते हुए नम्बर को सर्विलांस पर लगाकर आरोपियों को टेªस कर लिया गया।
कप्तान ने बताया कि पुलिस आरोपियों को दबोचने के लिए सम्भावित ठिकानों पर छापेमारी में जुटी थी। इसी दौरान ज्वेलर्स द्वारा मुकदमा दर्ज कराये जाने से बौखलाकर उसको ठिकाने लगाने के इरादे से गुरूवार को हरिद्वार आ रहे थे। जिसकी खबर पुलिस को लग गयी और पुलिस टीम ने कार सवार पांच बदमाशों को घेर कर रानीपुर झाल से दबोच लिया। कार सवार बदमाशों के पास से पुलिस टीम ने 32 बोर की एक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, दो 315 बोर के तमंचे, पांच जिंदा कारतूस बरामद किये। पुलिस टीम आरोपियों को लेकर कोतवाली पहुंची।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम प्रदीप चौहान पुत्र सुरेश सिंह, सचिन प्रजापति पुत्र पंकज कुमार, कौशल कुमार पुत्र महेन्द्र सिंह, अरूण कुमार पुत्र रणवीर सिंह निवासीगण ग्राम नवादा चौहान थाना नहटौर जिला बिजनौर और अंकुर कुमार पुत्र चन्द्रपाल सिंह निवासी ग्राम फिना थाना सिवालाकला जिला बिजनौर यूपी बताया है।
घटना के मास्टर मांइड प्रदीप चौहान ने बताया कि वर्ष 2015 में उसने अपने सगे भाई अंकित के साथ देहरादून में डकैती की वारदात को अंजाम दे चुका है। जिसके समझौते के लिए उसको 50-60 लाख की जरूरत थीं। इस वारदात की वजह से उसकी मुरादाबाद में ओबीसी बैंक की कलर्क क नौकरी चली गय थी।मोरातारा ज्वेलर्स से 50 लाख की फिरौती तैयारी पर वह 6 लाख खर्च कर चुका है।
एसएसपी ने बताया कि घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार का ईनाम की घोषणा की गयी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
