प्रशासन से एक सप्ताह के भीतर इंसाफ दिलाने की मांग
वरना इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने को होगें मजबूर
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र स्थित जुर्स कंट्री टाउनशिप में बने स्विमिंग पुल में एक माह पूर्व सात वर्षीय बच्चे की डूबकर मौत के मामले में पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं घटना के सम्बंध् में डीएम की ओर से भी 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिये गये थे। लेकिन डीएम द्वारा दी गयी जांच समय सीमा बीत जाने के बाद भी पीडित परिजनों को बेटे की मौत पर इंसाफ नहीं मिल पाया है।
मृतक के पिता अभिषेक व मां ज्योति ने रविवार के जुर्स कंट्री परिसर में पत्रकार वार्ता कर पुलिस की जांच पर अपनी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया हैं कि जुर्स कंट्री टाउनशिप में बने स्विमिंग पुल में एक माह पूर्व उनके सात वर्षीय बच्चे की डूबकर मौत के मामले में अभी तक कोई कार्यवाही पुलिस के द्वारा नहीं की गयी है। स्विमिंग पुल का रखरखाव बिल्डर द्वारा किया जाता है। जिसके एवज में मेंटेनेंस चार्जेस भी लिए जाते है।
घटना वाले दिन स्विमिंग पुल पर कोई भी जीवन रक्षक, प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवन रक्षक उपकरण मौजूद नहीं थे। अगर यह चीजें होती तो उसके बेटे की जान बचायी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि घटना को एक माह बीत जाने के बाद भी मेरे बेटे की मौत के जिम्मेदार लोग किसी भी कानूनी कार्यवाही से बाहर है। बेटे की मौत के मामले में पुलिस की ओर से अब कोई भी जांच अधिकारी नियुक्त नहीं है। शुरूआत में मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक का तबादला हो चुका है। इस गम्भीर मामले में पुलिस लापरवाही बरत रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा एक सप्ताह के भीतर उनके बेटे की मौत की जांच पूरी कर घटना का पटाक्षेप नहीं करता, तो मजबूर होकर उनको अपने बेटेे की मौत पर इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इतना ही नहीं यदि उनको बेटे की मौत पर इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री के दरबार जाना पडेगा तो वह उससे भी पीछे नहीं हटेगेें।
बताते चले कि 28 अप्रैल 2022 की शाम जुर्स कंट्री टाउनशिप में रहने वाले अभिषेक कुमार के इकलौते 7 वर्षीय बेटे रुद्राक्ष स्विमिंग पूल में जिमनास्टिक की प्रैक्टिस के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। घटना के पीछे टाउनशिप प्रबंधन की लापरवाही को मानते हुए पीडित परिवार ने वहां रहने वाले परिवारों के साथ मिलकर घटना पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। घटना पर लोगों के आक्रोश को देखते हुए कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने पीड़ित पिता की ओर से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया था। पीडित परिवार की ओर से दी गयी तहरीर में स्विमिंग पुल में तैनात जिमनास्टिक टीचर समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया था।
वहीं जिलाधिकारी ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए घटना की जांच के आदेश दिये थे। घटना में जांच अधिकारी एसडीएम को नियुक्त किया गया था, जिनको 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर उनको सौपने के निर्देश दिये गये थे। लेकिन डीएम द्वारा जांच के आदेश की अवधि् बीत जाने के बाद भी पीडित परिवार आज भी जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार करते हुए इंसाफ की प्रतिक्षा कर रहा है। लेकिन बेटे की मौत पर इंसाफ की उम्मीद नजर न मिलते देख पीडित परिवार ने मीडिया का सहारा लेकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचने की कौशिश की है।
