जिला अस्पताल मोर्चरी मामले में नहीं हुआ कोई निर्णय
चिकित्सकों की घंटे भर चली बैठक रही बेनतीजन
रोशनाबाद में लाखों से बना पोस्टमार्टम हाउस धूल फाक रहा
वर्ष 2019 में हाउस की करीब दो लाख खर्च कर कराई गयी मरम्मत
सीएमओ की रूड़की में पोस्टमार्टम की बात को चिकित्सकों ने नाकारा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिला अस्पताल मोर्चरी मामले में सीएमओ व जिला प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। चिकित्सकों में मोर्चरी को लेकर दुविधा की स्थिति देखी जा रही है। मोर्चरी की जर्जर हालत को देखते हुए चिकित्सक मोर्चरी के बाहर टीनशेड में शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए मजबूर है। जबकि लाखों खर्च कर रोशनाबाद में तैयार पड़ा पोस्टमार्टम हाउस पिछले करीब 8 सालों से धूल फाक रहा है। जहां पर जिला अस्पताल की मोर्चरी से पोस्टमार्टम के काम स्थान्तरण राजनैतिक दबाब के चलते नहीं हो पा रहा है। जिसकी मरम्मत पर पांच साल पूर्व करीब दो लाख खर्च किया जा चुका है। उसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बताया जा रहा हैं कि अक्टूबर 22 से जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से तत्कालीन सीएमओ को पत्र लिखकर जर्जर हो चुकी मोर्चरी के सम्बंध में अवगत कराया जा चुका हैं, लेकिन उसके बावजूद मोर्चरी के मामले में सीएमओ हरिद्वार कार्यालय सोया हुआ है। चिकित्सक मोर्चरी की जर्जर हालत को देखते हुए कभी भी किसी अनहोनी घटना से इंकार नहीं कर रहे है। उसके बावजूद भी सीएमओ चिकित्सकों के जीवन के प्रति गम्भीर होता नजर नहीं आ रहा है।
बताते चले कि जिला अस्पताल की मोर्चरी की पिछली दीवार शनिवार की रात को लगातार बरसात के चलते ढह गयी। जिसके बाद मोर्चरी के मामले में सोया सीएमाओ कार्यालय हरिद्वार जाग गया है। लेकिन उसके बावजूद मोर्चरी के मामले में कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। हाल ही में कई सालों से हरिद्वार में रेडियोलोजिस्ट पद पर तैनात डाॅ. मनीष दत्त को सीएमओ पद पर पदोन्नति दे दी गयी। लेकिन जिला अस्पताल की मोर्चरी की पिछली दीवार ढह जाने के बाद नवनियुक्त सीएमओ हरिद्वार डाॅ. मनीष दत्त कोई निर्णय नहीं ले सके।
जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी को जिला अस्पताल के चिकित्सकों पर थोपते हुए पीएमएस डाॅ. सीपी त्रिपाठी को चिकित्सकों के साथ बैठक का निर्णय लेने तथा निर्णय से उनको अवगत कराने के निर्देश दे डाले। लेकिन सीएमओ हरिद्वार ने पोस्टमार्टम को जिला अस्पताल की मोर्चरी से हटाकर सिविल हाॅस्पिटल रूड़की में कराने के लिए मौखिक तौर पर कहा गया। बताया जा रहा हैं कि सीएमओ के आदेश पर जिला अस्पताल के पीएमएस डाॅ. सीपी त्रिपाठी ने सोमवार को अस्पताल के चिकित्सकों के साथ एक बैठक की गयी।
लेकिन घंटे भर चली बैठक में काफी माथा पच्ची के बाद भी चिकित्सक कोई निर्णय नहीं ले सके। लेकिन चिकित्सकों ने इतना निर्णय जरूर ले लिया कि सीएमओ द्वारा पोस्टमार्टम सिविल हाॅस्पिटल रूडकी में करने की बात को अस्वीकार कर दिया। पीएमएस डाॅ. सीपी त्रिपाठी ने चिकित्सकों के निर्णय से सीएमओ डाॅ. मनीष दत्त को अवगत करा दिया गया।
जिला अस्पताल डाॅ. सीपी त्रिपाठी ने बताया कि सीएमओ के आदेश पर मोर्चरी के सम्बंध में सोमवार को हाॅस्पिटल में चिकित्सकों की बैठक हुई। लेकिन बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका, मगर सिविल हाॅस्पिटल रूड़की में पोस्टमार्टम कराने के सीएमओ के निर्णय को सभी ने अस्वीकार कर दिया। चिकित्सकों के निर्णय से सीएमओ को अवगत कराया दिया गया।
जिसके बाद सीएमओ डाॅ. मनीष दत्त के नेतृत्व में चिकित्सकों का प्रतिनिधि मण्डल रानीपुर विधायक आदेश चौहान से जाकर मिला। जिन्होंने जिला अस्पताल की जर्जर मोर्चरी की जानकारी से अवगत कराते हुए रोशनाबाद में तैयार पड़े पोस्टमार्टम हाउस को शुरू करने का अपना सुझाव दिया। जिसपर विधायक के द्वारा इस सम्बंध में कोई सकारात्मक जबाब नहीं दिया है।
चिकित्साधिकारी डाॅ. चंदन मिश्रा ने बताया कि मोर्चरी मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। शनिवार की रात दीवार ढहने के बाद से चिकित्सक मोर्चरी में पोस्टमार्टम में प्रवेश करने से घबरा रहे है। जिनको अंदेशा है कि जर्जर हो चुकी मोर्चरी का लेटर भी किसी भी समय गिर सकता है। इसलिए चिकित्सक कोई जोखिम उठाना नहीं चाहते और अगले आदेश तक चिकित्सक शवो का पोस्टमार्टम मोर्चरी मे बाहर टीनशेड में स्टेचर पर करने के लिए मजबूर है।
बताया जा रहा हैं कि करीब 8 साल पूर्व रोशनाबाद में करीब 24 लाख खर्च कर तैयार किये गये पोस्टमार्टम हाउस में पोस्टमार्ट कराने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी। लेकिन रोशनाबाद के कुछ नेताओं की राजनैतिक के चलते विधायक आदेश चैहान के विरोध के चलते पोस्टमार्टम हाउस शुरू नहीं हो पाया था। तभी से आज तक लाखों खर्च कर बना पोस्टमार्टम हाउस धूल फाक रहा है।
सीएमओ कार्यालय के अनुसार पोस्टमार्टम हाउस की मरम्मत पर वर्ष 2019 में करीब 1 लाख 70 हजार रूपये भी खर्च किये गये। लेकिन उसके बावजूद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। रोशनाबाद का पोस्टमार्टम हाउस राजनैतिक दबाब की भेट चढ गया। लोगों का कहना हैं कि रोशनाबाद में बने पोस्टमार्टम हाउस का कुछ लोग आखिर क्यों विरोध कर रहे है, समझ से परे है। जबकि जिला अस्पताल की मोर्चरी जहां पर लम्बे समय से पोस्टमार्टम का काम किया जा रहा हैं वह घनी आबादी के बीच है।
