खास समर्थकों के दावों की भी 10 मार्च को होगी अग्नि परीक्षा
परिणामों पर प्रत्याशियों में मंथन जारी, भाजपा व कांग्रेस में बैचेनी
मतदान के परिणामों को लेकर प्रत्याशियों समेत जनता में उत्सुकता
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। विधानसभा चुनाव के मतदान हुए दो दिन बीत जाने के बाद भी हरिद्वार सीट पर प्रत्याशी अपना-अपना गणित बैठाने में जुटे है। जिनमें भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थक दिन निकलते ही उनका जीत को लेकर आंकड़ा लगाने को गणित शुरू हो रहा है। दोनों ही दलों के प्रत्याशियों के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे है। वहीं जनता में भी शहरी सीट पर किस प्रत्याशी की जीत होगी उसको लेकर दिन भर मंथन का दौर जारी है। लेकिन जनपद हरिद्वार में हरिद्वार विधानसभा सीट पर सब से कम मतदान का प्रतिशत रहा है।
हरिद्वार सीट चर्चाओं में इस लिए भी हैं क्योंकि इस सीट पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक, जोकि पांचवी बार चुनावी मैदान में हैं। जिनकी सीधी टक्कर कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल ब्रहा्रचारी के साथ रही है। मतदान के दौरान खड़खड़ी और गोविन्दपुरी मतदान केन्द्र के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ चुके है। शहरी सीट पर आखिर किस की जीत और किस की हार होगी, यह तो 10 मार्च को ही पता चल सकेगा। दोनों दलों के नेता व कार्यकर्ता समेत शहर की जनता को चुनाव के परिणाम के लिए 10 मार्च का बेसब्री से इंतजार है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव के मतदान 14 फरवरी को सम्पन्न हो चुके है। जिसके बाद हरिद्वार सीट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी व समर्थक अब रिलेक्स मूड में है। लेकिन उनके भीतर चुनाव परिणाम को लेकर अन्दर ही अन्दर बैचेनी देखी जा रही है। हरिद्वार सीट पर भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक व कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल ब्रहा्रचारी के बीच सीधी टक्कर रही। चुनाव के दौरान दोनों ही दलों के प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं समेत नेताओं ने शहर की जनता को रिझाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जहां कांग्रेस प्रत्याशी समेत पार्टी के नेताओं ने भाजपा विधायक व प्रत्याशी मदन कौशिक के पिछले बीस वर्षो के कार्यकाल को शून्य बताते हुए भ्रष्टाचार का पिटारा खोलकर उनकी पोल खोलने का काम किया।
शहर में बढते नशे के कारोबार के लिए विधायक मदन कौशिक को ही जिम्मेदार ठहराते हुए शहर नशा मुक्त और रोजगार युक्त नारे के साथ चुनावी मैदान में रहे। वहीं भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक समेत भाजपाई नेता भी देश में मोदी सरकार की योजनाओं समेत उत्तराखण्ड में विकास के नारे के साथ जनता के बीच खड़े दिखे। शहर की जनता ने दोनों प्रत्याशियों व उनके नेताओं की बातों को कितनी गम्भीरता से लिया और किस दल के प्रत्याशी को अपना मत दिया। यह तो 10 मार्च को आने वाले परिणाम ही बता पाायेगेें। लेकिन इतना जरूर हैं कि मतदान को सम्पन्न हुए दो दिन बीत जाने के बाद भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों व उनके समर्थकों की बैठक का दौर जारी है। जिसमें किसी वार्ड व क्षेत्र से कितनी सेंधमारी हो सकी, इस को लेकर मंथन किया जा रहा है।
दोनों दलों के नेता व कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशियों को भरोसा दिलाने लगे हैं कि उन्होंने एक-दूसरे के वोटों को अपने-अपने पक्ष में डलवाने में कितना योगदान दिया। इतना तय हैं कि दोनों दलों के प्रत्याशी अपने भरोसे के समर्थकों पर अभी तो आंखे मूंद कर उनके दावों पर विश्वास कर रहे है। लेकिन जब 10 मार्च को परिणाम सामने आयेगे तो उनके दावों की सच्चाई भी सामने आयेगी।
मगर इतना जरूर हैं कि प्रत्याशियों ने अपने जिन खास समर्थकों पर विश्वास जताते हुए उनको जिन क्षेत्रों व वार्डो की जिम्मेदार सौपी थी, उनके दावों के अनुरूप परिणाम नहीं मिलते तो समझीये उनको क्या हाल होगा? यह बताने की जरूरत नहीं है। विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर शहर की जनता समेत सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर बैचेनी बनी हुई है और सभी को 10 मार्च का इंतजार है।
