सात शैक्षणिक संस्थानों में कराया था छात्रों का फर्जी भौतिक सत्यापन
साढे तीन करोड़ से भी अधिक की रकम की थी सरकारी खजाने से रिलीज
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। प्रदेश में करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल रिटायर्ड तत्कालीन जिला सहायक समाज कल्याण अधिकारी को एसआईटी टीम ने नोएडा से गिरफ्रतार किया है। तत्कालीन अधिकारी ने अपने कार्यकाल में सात शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों का फर्जी भौतिक सत्यापन करवा कर साढे तीन करोड़ से भी अधिक की रकम सरकारी खजाने से रिलीज की गई थी। एसआईटी टीम शैक्षणिक संस्थानों के विरुद्ध अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्ज करवा कर चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी हैं। जांच में हरिद्वार में तैनात तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी की भूमिका भी सामने आई थी। रिटायर्ड तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी का मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
एसआईटी प्रभारी टीसी मंजूनाथ ने बताया कि हरिद्वार जनपद में तैनात तत्कालीन सहायक जिला समाज कल्याण अधिकारी सोम प्रकाश पुत्र फग्गन सिंह निवासी ग्राम सहजबी हरपाल सहारनपुर उत्तर प्रदेश हाल निवासी प्रीत विहार गणेशपुर रुड़की हरिद्वार ने छात्रवृत्ति घोटाले में सात शैक्षणिक सस्थानों मे पढ़ने वाले छात्रों का फर्जी भौतिक सत्यापन करने के बाद काॅलेजों को सरकारी खजाने से साढे तीन करोड़ से ज्यादा की रकम दी गई थी। शैक्षणिक संस्थानों के विरुद्ध अलग-अलग थानों में एसआईटी टीम ने मुकदमे दर्ज करये गये थे। जिनमें चार मुकदमे सिडकुल थाने में वर्ष 2019 में दर्ज कराए गए थे, वर्ष 2020 में दो गंगनहर कोतवाली व एक कलियर थाने में दर्ज कराया गया था। शैक्षणिक संस्थानों के जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्रतारी कर उन्हें जेल भेज दिया था।
छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल रिटायर्ड तत्कालीन जिला सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोम प्रकाश की भूमिका भी सामने आने के बाद लगातार एसआईटी की टीम तलाश में उनके ठिकानों पर दबिश दे रही थी। विवेचना अधिकारी निरीक्षक मुकेश सिंह चौहान को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार चल रहे सोम प्रकाश नोएडा के एक गांव में रह रहे हैं। इसी सूचना पर विवेचना अधिकारी ने टीम के साथ ग्राम छलेरा सेक्टर 44 नोएडा उत्तर प्रदेश में दबिश देकर तत्कालीन जिला सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोम प्रकाश को गिरफ्रतार कर अपने साथ हरिद्वार ले आयी। सिडकुल थाने मे पूछताछ के बाद मेडिकल करवाकर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

