निकाय चुनाव के लिए कमर कस ले वैश्य समाजः अशोक बुवानीवाला
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हुए अहम फैसले, कवियों ने लोगों को गुदगुदाया
लीना बनौधा
हरिद्वार। सामाजिक वजूद होने के लिए जरूरी है आपका राजनीतिक वजूद का होना। बिना राजनीतिक के ना आप अपना, ना समाज का, ना व्यापार का और ना ही आपके अन्य हितों का कोई वजूद होता है। इसलिए वैश्य समाज से मेरा आहवान है कि चाहें किसी भी प्रांत में है अपने वजूद को जिंदा रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में राजनीति करें। ये बात अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा द्वारा आयोजित वैश्य समाज के खुले अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कही।
उन्होंने कहा कि ये सौभाग्य की बात है कि उत्तराखंड की पावन भूमि हरिद्वार में हरियाणा प्रदेश का वैश्य समाज इनती बड़ी तादात में ऐसा अनोखा आयोजन कर रहा है। मुझें पहले भी इस संगठन के कार्यक्रमों में सम्मिलित होने का अवसर मिला है और मुझें ये देखकर प्रशन्नता महसूस हो रही है कि ये संगठन आज भी उतनी ही ऊर्जा के साथ वैश्य समाज को राजनीति में उतारने के लिए काम कर रहा है, जितना की पहले आज इस खुले मंच से मैं संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला व उससे जुड़ें हर पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सदस्यों को बधाई देता हूं कि भिन्न-भिन्न राजनीतिक विचार धाराओं से होने के बावजूद हरियाणा का वैश्य समाज एक मंच पर संगठित खड़ा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा की राजनीति में वैश्य समाज को राजनीति का केन्द्र बिंदु बनाने के लिए अपने गठन के समय से ही संकल्पबद्ध है। प्रदेश आज निकाय चुनाव की दहलीज पर खड़ा है। जिसे ध्यान में रखते हुए उसने युवाओं को प्रशिक्षित करने और वैश्य समाज को एकजुट करने के लिए इतना बड़ा आयोजन रखा है। उन्होंने कहा कि आगामी निकाय चुनाव ही विधनसभा चुनावों की नींव तैयार करेंगे, इसलिए वैश्य समाज निडरता के साथ निकाय चुनाव के लिए अपनी कमर कस ले। इस मौके पर बुवानीवाला ने सपफलतापूर्ण कार्यक्रम आयोजन के लिए हरिद्वार के वैश्य समाज एवं कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का भी आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ हरियाणा के संयोजक बालकिशन बालकिशन अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज ही प्रदर्शित करता है। हमारा समाज अब लंच या मंच तक सीमित नहीं है। इसलिए बिना डर के खुलकर राजनीति करें और अपने-अपने दलों में पदों के साथ टिकटों की दावेदारियां भी ठोके। श्री अग्रवाल ने समाज को संगठित रहने की सीख देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद कभी नहीं होना चाहिए। समाज के नाम पर सबको एकजुटता के साथ काम करना चाहिए, क्योंकि आज के राजनीतिक परिदृश्य में ये और भी जरूरी हो गया है।
नवचेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय सोमाणी ने कहा कि राजनीति के प्रति हमें अपनी सोच सकारात्मक रखने की जरूरत है। ताकि समाज को राजनीति रूप से जागरूक और नेतृत्व शक्ति का विकास किया जा सकें। समाज के युवा नेता नवीन गोयल ने कहा कि राजनीतिक भागीदारी तभी संभव है जब हम समाज के एक-एक व्यक्ति को साथ लेकर चलेंगे, युवा शक्ति का प्रयोग करेंगे और हर छोटे से लेकर बड़ें चुनाव में अपनी उपस्थित दर्ज करवाएंगे।
