जानलेवा हमले के तीन आरोपी पूर्व में जा चुके जेल
पांच माह से पुुलिस को चकमा देकर चल रहा था फरार
ठोकर नम्बर 12 के पास से 14.10 ग्राम स्मैक के साथ दबोचा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कोतवाली नगर पुलिस ने गश्त के दौरान जानलेवा हमले के फरार चल रहे आरोपी को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। जिसके खिलाफ पुलिस ने एनडीपीए की धाराओं मंे एक ओर मामला दर्ज कर लिया। जबकि जानलेवा हमले मामले में इस के तीन सहयोगी पूर्व में जेल जा चुके है। लेकिन चौथा आरोपी पुलिस को चकमा देकर पांच माह से फरार चल रहा था। जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी थी। पुलिस ने आरोपी को मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
कोतवाली नगर एसएसआई मुकेश थलेड़ी ने बताया कि पुलिस टीम बीती शाम को क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना पर पुलिस टीम ने फरार चल रहे जानलेवा हमले के आरोपी आलोक गुसाई पुत्र चाद प्रकाश निवासी कांगड़ा मंदिर के पास हरकी पैड़ी कोतवाली नगर हरिद्वार को भूमा निकेतन घाट ठोकर नम्बर 12 के पास से गिरफ्तार कर लिया। जिसके पास से पुलिस ने 14.10 ग्राम स्मैक बरामद की है। आरोपी पिछले पांच माह से पुलिस को चकमा देकर फरार चला आ रहा था।
जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी थी। कोतवाली नगर हरिद्वार में कपिल पुत्र लालचंद अग्रवाल निवासी गौंसाई गली भीमगोड़ा हरिद्वार ने 09 मार्च 23 को तहरीर देकर शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि वह अपने दोस्त भोला के साथ हरकी पौड़ी के समीप कांगड़ा घाट पर खड़ा था। इसी दौरान मौल्ला नाम का एक युवक वहां पहुंचा। जिसने उसनके साथ गाली गलोच करते हुए जान से मारने की धमकी देकर चला गया।
उन्होंने बताया कि 10 मार्च की शाम को मौल्ला अपने चाचा मनोहर, आलोक और सुमित के साथ पहुंचा। जिन्होंने उनके साथ गाली गलोच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप हैं कि मौल्ला के चाचा मनोहर ने उसको जान से मारने की नीयत से तमंचे से उसपर फॉयर झौक दिया। जिसमें उसके सिर के पास से खून बहने लगा और उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस दो आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी हैं, जबकि एक आरोपी ने न्यायालय में खुद को सरेंडर कर दिया था। लेकिन आलोक घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा देकर फरार चला आ रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस को एक ओर मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
