उत्तराखण्ड से जाने वाली कलकत्ता स्पेशल पहली ट्रेन
प्रवासियों की संख्या पूरी न होने पर स्पेशन ट्रेन ढाई घण्टे लेट चली
लीना बनौधा
हरिद्वार। उत्तराखण्ड में फंसे कलकत्ता के 1148 प्रवासियों को विशेष ट्रेन के द्वारा कलकत्ता के लिए रवाना कर दिया गया है। हरिद्वार रेलवे स्टेशन से प्रवासियों को लेकर रवाना होने वाली स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारित समय से ढाई घण्टे देरी से चली। जिसका कारण निर्धारित प्रवासियों की संख्या पूरी न होना बताया जा रहा है। बताया जा रहा हैं कि कलकत्ता स्पेशल ट्रेन से प्रदेश से 1188 प्रवासियों को लेकर रवाना होना था। मगर प्रवासियों की संख्या पूरी न होने की वजह से ट्रेन को ढाई घण्टे तक रोके रखा। लेकिन स्पेशल ट्रेन हरिद्वार से 40 कम प्रवासियों को लेकर रवाना हुई। बताते चले कि विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासियों को उनके राज्यों तक पहुंचने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा विशेष ट्रेनों को हरी झण्डी दिये जाने के बाद विभिन्न राज्यों से पांच ट्रेनों द्वारा उत्तराखण्ड के प्रवासी हरिद्वार पहुंच चुके है। लेकिन उत्तराखण्ड से पहली कलकत्ता स्पेशल ट्रेन रविवार को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से 1148 प्रवासियों को लेकर दोपहर को रवाना हो गयी। कलकत्ता स्पेशल ट्रेन द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के विभिन्न जनपदों में फंसे प्रवासियों को भेजा गया है। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 10 बजे से ही कलकत्ता जाने वाले प्रवासियों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। जिनको विभिन्न काउंटरों के जरिये उनका सत्यापन व स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम से होकर गुजरना पड़ा। कलकत्ता स्पेशल ट्रेन से जाने वाले प्रवासियों को खाने व पीने का पानी देकर स्पेशल ट्रेन में बैठाया गया। हरिद्वार से चली कलकत्ता स्पेशल ट्रेन से 1188 प्रवासियों को लेकर दोपहर 2 बजे रवाना होना था। लेकिन निर्धारित प्रवासियों की संख्या पूरी न होने की वजह से कलकत्ता स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारित समय से ढाई घण्टे यानि 4.30 बजे 40 प्रवासियों को कम लेकर चली। जिनमें 988 उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों और 140 हरिद्वार जनपद के प्रवासी शामिल थे। कलकत्ता स्पेशल ट्रेन के जरिये प्रवासियों को रवाना करने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों में सीडीओ विनीत तोमर, जीआरपी एसपी मंजूनाथ टीसी, एडीएम केके मिश्रा, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, जीआरपी एएसपी मनोज कत्याल, एसडीएम कुसुम चौहान, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, एआरटीओ मनीष कुमार, रेड क्रास अधिकारी डाॅ. नरेश चौधरी आदि मौजूद थे।


