


बिना मान्यता के कागजों में कई कोर्सो की क्लासे चला किया दो करोड़ से अधिक का गबन
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। छात्रवृत्ति घोटले प्रकरण में एसआईटी ने तीन ओर घोटालेबाजों को गिरफ्रतार किया है। जिन्होंने शासन के बिना मान्यता के ही कागजों में ही अपने संस्थान में कई कोर्सो की क्लास चलाते हुए जिला समाज कल्याण विभाग से दो करोड़ से अधिक धनराशि का गबन किया। एसआईटी छात्रवृत्ति घोटले में तीन सहित अब तक पांच घोटलोबाजों को गिरफ्रतार कर चुकी है। एसआईटी ने तीनों के खिलाफ सिड़कुल थाने में सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया है। एसआईटी अध्यक्ष मंजूनाथ टीसी के अनुसार छात्रवृत्ति घोटले प्रकरण को आगे बढाते हुए जब मंगलौर स्थित संस्थान टेकवल्र्डस वली ग्रामोधोग विकास संस्थान ग्रुप आफ इंस्टिट्यूशन कैनाल रोड़ मंगलौर हरिद्वार की जांच की गयी तो जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी से जानकारी ली गयी, तो पता चला कि उक्त संस्थान को वर्ष 2012-13 से 2014-15 के बीच अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं की छात्रावृत्ति दो करोड़, चौवन लाख, दस हजार, चार सौ चालीस धनराशि संस्थान के बैंक खाता व छात्रों के बैंक खातों में प्रदान की गयी थी। उन्होंने बताया कि जब एसआईटी टीम ने दर्शाये गये संस्थान स्थल कैनाल रोड मंगलौर पर जाकर जांच की गयी तथा स्थलीय निरीक्षण किया गया, तो पता चला कि संस्थान का जहां पर होना दर्शाया गया हैं वहां पर तो केवल खण्डहर पाया गया। जांच के दौरान पता चला कि वर्ष 2015 से संस्थान बंद है। इससे पूर्व शैक्षणिक गतिविधियां भी शून्य रही है। जिससे पता चला कि संस्थान केवल कागजों में चल रही थी। उन्होंने बताया कि जब संस्थान की मान्यता की जांच की गयी तो पता चला कि संस्थान को वर्ष 2010 के पश्चात शाासन की ओर से किसी भी कोर्स की मान्यता ही प्राप्त नहीं थी। इस संस्थान ने वर्ष 2012-13 से 2014-15 तक फर्जी तरिके से एमबीए, बीबीए, बीसीए, एमसीए, बीएससी और आईटी के कोर्स में कथित छात्रों को प्रवेश दिखाकर छात्रवृत्ति की मांग कर छात्रवृत्ति की धनराशि प्राप्त की गयी। उत्तराखण्ड टेक्निकल यूनिवर्सिटी देहरादून के अनुसार संस्थान के नाम से वर्ष 2011 में मान्यता के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन शासन ने आज तक मान्यता नहीं दी। उन्होंने बताया कि जब टेकवल्र्डस वाली ग्रामोधोग विकास संस्थान ग्रुप आफ इंस्टिट्यूशन कैनाल रोड़ मंगलौर हरिद्वार के तीनों पदाधिकारियों अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल पुत्र लालचंद निवासी जीटी रोड मंगलौर हरिद्वार, कोषाध्यक्ष काजी नूरउद्दीन पुत्र काजी मोहियूददीन निवासी किला मंगलौर हरिद्वार और सचिव संजय बंसल पुत्र एचपी बंसल निवासी 32 ईसी रोड देहरादून को संस्थान के सम्बंध् में पूछताछ के लिए एसआईटी कार्यालय रोशनाबाद हरिद्वार बुलाया गया। जहां पर उनसे मामले की जानकारी ली गयी, लेकिन उनके द्वारा अपने पक्ष में कोई भी तथ्य प्रस्तुत नहीं कर सकें और वास्तविकता को स्वीकार किया। जिसपर तीनों को गिरफ्रतार कर लिया गया। एसआईटी की ओर से सिड़कुल थाने में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
