सम्बंध न बनाने पर गुस्साए चैकीदार ने की थी हत्या
23 दिन पूर्व सुरक्षा एनक्लेव दीवार के पीछे खेत में मिला था शव
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। बहादराबाद पुलिस ने पिंकी की हत्या का खुलासा करते हुए हत्यारोपी सुरक्षा एनक्लेव के चौकीदार व उसके सहयोगी को गिरफ्रतार किया है। जिसकी निशानदेही से हत्या में प्रयुक्त फावडे का बिंटा भी बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार पिंकी की हत्या शरीरिक सम्बंध न बनाने से गुस्साए सुरक्षा एनक्लेव के चौकीदार ने फावडे केे बिंटे से पीट-पीट की थी। लेकिन मृतका का शव हत्या के पांच दिन बाद पुलिस ने लावारिस हालत में खेत से बरामद किया था। बहादराबाद थाना प्रभारी दीपक कठैत के अनुसार 05 नवम्बर को शांतरशाह चौकी क्षेत्र स्थित सुरक्षा एनक्लेव की दीवार के पीछे खेत से ग्रामीणों की सूचना पर एक अज्ञात महिला उम्र करीब 27 वर्ष का शव बरामद किया था। जिसकी शिनाख्त पिंकी पत्नी राजू निवासी ग्राम खेड़ी शिकोहपुर भगवानपुर हाल निवासी ग्राम शांतरशाह बहादराबाद हरिद्वार के रूप में हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्ट के लिए जिला अस्पताल भेज कर परिजनों को सूचित कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत का कारण सिर पर वार करने की वजह माना गया। जिसके सम्बंध् में पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर के आधार पर अज्ञात हत्याारे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार सुरक्षा एनक्लेव के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फूटेज खंगाली गयी तो पता चला कि 1 नवम्बर को मृतका सुरक्षा एनक्लेव के चौकीदार मेवा लाल पुत्र स्व सोहन लाल निवासी मौ सिंघिया पलिया कला लखीमपुर खीरी यूपी के साथ देखा गया। जब चौकीदार की तलाश की गयी तो पता चला कि चौकीदार घटना के बाद से ही गायब है। जिसकी तलाश के लिए पुलिस की एक टीम उसके मूल निवासी स्थल पर पहुंची, लेकिन वह वहां पर भी नहीं मिला। पुलिस के अनुसार चौकीदार की तलाश में मुखबिरों को लगाया गया। जिनकी सूचना पर बीते दिन चौकीदार मेवा लाल को पंतजलि फेस-1 पुल के पास से गिरफ्रतार कर लिया। जिससे पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि मृतका पिंकी शराब पीने की शौकीन थी। एनक्लेव में प्लाटिंग का काम चल रहा था और वहां पर बनिया उर्फ गुलजार मजदूरी करता था। जिसकारण मेवा लाल की उसके साथ दोस्ती हो गयी। पिंकी अक्सर सुरक्षा एनक्लेव में आया जाया करती थी। जिसकारण मेवा लाल व बनिया की उसके साथ दोस्ती हो गयी। 01 नवम्बर की दोपहर को पिंकी उनसे मिलने के लिए दोपहर को पहुंची। जिसपर उन्होंने रात को आने के लिए कह कर लौटा दिया। इसी बीच बनिया ने अपने दो अन्य दोस्तों नूर आलम व कुर्बान को भी बुला लिया। पिंकी जब रात को पहुंची तो वह बहुत नशे में थी और ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। जिसकी स्थिति को देखते हुए बनिया व उसके दोस्त उसको छोड़ कर चले गये। पुलिस के अनुसार चौकीदार मेवा लाल ने शराब पी और पिंकी को लेकर गोदाम पहुंचा, जहां पर उसके साथ सम्बंध् बनाने का प्रयास किया। लेकिन पिंकी अधिक नशे में होने के कारण तैयार नहीं हुई। जिसपर नशे में गुस्साएं चौकीदार मेवा लाल ने वहां पर रखे फावडे के बिंटे से उसके सिर पर कई वार कर दिये। जिसकारण पिंकी की मौत हो गयी, पिंकी की मौत हो जाने पर चौकीदार के नशा फूर हो गया। चौकीदार मेवा लाल ने बनिया को फोन कर बुला लिया और घटना की जानकारी दी। जिसपर दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने के लिए सुरक्षा एनक्लेव की दीवार के पीछे खेत में पिंकी के शव को फैंक कर फरार हो गये। पुलिस ने चौकीदार की निशानदेही पर बनिया को दबोच कर हत्या में प्रयुक्त फावडे का बिंटा भी बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
