प्रशासन ने मतगणना के लिए अपनी तैयारी पूरी की
जनता में भी चुनाव के नतीजों को लेकर उत्सुकता बनी
मंगलवार का दिन किन के लिए मंगलमय होगा, सभी की नजरे नतीजों पर टिकी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। निकाय चुनाव की मतगणना कल भल्ला काॅलेज मैदान में होगी। जहां पर 7 मेयर व 226 पार्षद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। मतगणना को लेकर मेयर व पार्षद प्रत्याशियों सहित उनके परिजनों में बैचेनी देखी जा रही है। जिनकी रातों की नीद व दिन का चैन उड़ा हुआ है। भाजपा व काग्रेंस दल के नेता अपने-अपने मेयर प्रत्याशी की जीत के दावे भले की कर रहे हो, मगर अन्दर से वह भी बैचेन देखे जा रहे है कि शहर की जनता ने उनके भाग्य का क्या फैसला किया हैं। राजनीति दल सहित आम जनता सभी मतगणना के बाद चुनाव के नतीजे जानने के पक्ष में उत्सुक नजर आ रहा है। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कोई अशांति न फैले उसके लिए मतगणना स्थल सहित आसपास क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है। बताते चले कि निकाय चुनाव के नतीजे कल यानि मंगलवार को आने वाले है। प्रशासन की ओर से मतगणना की अपनी पूरी तैयारी कर ली है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है। ताकि किसी प्रकार की अशांति का माहौल पैदा न हो। निकाय चुनाव के मतदान के बाद अब मतगणना के द्वारा 7 मेयर व 226 पार्षद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है। जिनमें भाजपा व काग्रेंस के प्रत्याशियों सहित अन्य दल और निर्देलीय प्रत्याशी शामिल है। देखा जाए तो मतदान के बाद भाजपा व काग्रेंस में मेयर प्रत्याशी की जीत के लिए जोड घटाओं को सिलसिला पूरी रात चलता रहा। वहीं दोनों दल के नेता अपने-अपने मेयर प्रत्याशी की जीत के दावे कर रहे है। लेकिन भीतर से वह भी सहमे हुए हैं कि जीत की बाजी किस ओर पलट जाए। इस चुनाव में दोनों बड़ी पार्टियों में जहां अपने प्रतिद्विवद्वियों से चुनौती मिल रही थी वहीं पार्टी से बागवत करने वाले भी उनके लिए परेशानी का सबब बने हुए थे। अगर मेयर पद पर बागियों की बात करे तो पार्टियों को कोई खतरा नहीं है मगर उसके बावजूद भी पार्षद प्रत्याशियों में बागवत कर निर्देलीय तौर पर चुनावी मैदान में उतरे बागी प्रत्याशियों से जहां अपने पार्टी पार्षद प्रत्याशी की जीत के लिए परेशानी झेलनी पड़ी हैं वहीं उन्हीं बागियों द्वारा मेयर के लिए भी खतरे की घंटी मानी जा रही है। बागियों से परेशानी की तमाम चुनौतिया केवल भाजपा को ही नहीं झेलनी पड़ी हैं बल्कि काग्रेंस को भी इस का सामना करना पड़ा है। भाजपा व काग्रेंस तमाम चुनौतियों के बावजूद भी वह मेयर सीट पर अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का दावे कर रही है। लेकिन पार्षद प्रत्याशी अभी अपनी जीत के लिए मुंह नहीं खोलने की स्थिति में नजर नहीं आ रहे है। मगर इतना जरूर हैं कि मेयर हो या फिर पार्षद प्रत्याशी सभी की रिजल्ट के लिए बैचेनी बनी हुई है। देखना हैं कि मंगलवार का दिन किसी प्रत्याशी के लिए मंगल लेकर आता हैं और किसी के लिए निराशा भरा। लेकिन इतना तय हैं कि 7 मेयर प्रत्याशियों में से एक मेयर ही चुना जाना है। वहीं 226 पार्षद प्रत्याशियों में केवल 60 प्रत्याशी ही पार्षद चुने जाने है। प्रत्याशियों के अलावा भी आम जनता में भी निकाय चुनाव के रिजल्ट के लिए उत्सुकता बनी हुई है।
