

अभियान टीम पर लगे भेदभाव के आरोप
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान शुक्रवार को रेलवे स्टेशन से शुरू होकर काली कमली धर्मशाला तक चला। अतिक्रमण हटाओं अभियान टीम को देखते हुए व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर अपने अतिक्रमण को हटाने जुट गये। वहीं अतिक्रमण हटाओं अभियान टीम को नालों पर अतिक्रमण पर ज्यादा पसीना नहीं बहना पड़ा। व्यापारियों ने अपने-अपने अतिक्रमण को टीम आने से पूर्व ही हटा लिया। लेकिन जिस की उम्मीद व्यापारियों ने अभियान टीम से नहीं की थी, टीम ने उनकी दुकानों के बोर्डो पर पीला पंजा चला दिया। जिसको लेकर व्यापारियों ने अभियान टीम से जुडे अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए अपना विरोध् दर्ज कराया। बताते चले कि पंचपुरी में हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाये हुए है। प्रशासन के अधिकारियों ने अपने लाव लकशर के साथ रेलवे स्टेशन से अपना अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया। लेकिन प्रशासन के अभियान को देखते हुए व्यापारियों सहित अतिक्रमणकारियों ने अपने-अपने अतिक्रमण को टीम के उनके यहां तक पहुंचने से पूर्व ही हटा लिया। रेलवे स्टेशन से चित्रा सिनेमा तक अतिक्रमण हटाओं अभियान टीम को अधिक पसीना नहीं बहना पड़ा। लेकिन जैसे ही अभियान टीम यहां से आगे बढी प्रशासन का पीला पंजा दुकानों के बोर्डो पर गरज पड़ा। अतिक्रमण हटाओं टीम ने आरती होटल तक की दुकानों के बोर्डो को उखाड दिया। अतिक्रमण हटाओं अभियान टीम ने काली कमली धर्मशाला के पास जाकर अपना अभियान समाप्त किया। इससे आगे के अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन अपना अभियान शनिवार को शुरू करेगा। प्रशासन के अतिक्रमण के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान को लेकर व्यापारियों में विरोध् के स्वर भी सुनाई दिये। आरोप हैं कि अतिक्रमण हटाओं अभियान टीम से जुडे अधिकारी अतिक्रमण पर भेदभाव कर रहे है, रसूक व पैसे वाले लोगों के अतिक्रमण से नजर बचाई जा रही है। उनके अतिक्रमणों को अनदेखा किया जा रहा है। जोकि ठीक नहीं हैं जिसकी शिकायत उन्होंने उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है। अतिक्रमण हटाओं अभियान टीम ने रानीपुर मोड सहित अन्य इलाकों में दुकानों पर बनी दूसरी मंजिल पर बने कमरे को भी नहीं छोडा और उनकी दीवार को ध्वस्त कर दिया। वहीं कई होटल व लाॅजों की बाॅलकोनियों तक को नहीं छेडा गया। जबकि बाॅलकोनी नाले से बाहर तक बनी है। अभियान से जुडे अधिकारी सीटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार से सम्पर्क कराने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।
