मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा गुरुवार को प्रेस क्लब, हरिद्वार में पत्रकारांे से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति है। कांग्रेस पार्टी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरे प्रदेश में हडकम्प की स्थिति है। आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों से मिल रही जानकारी के मुताबिक इस अभियान के दौरान सामने आ रही समस्याओं के बावजूद निर्वाचन आयोग आवश्यक सुधार नहीं कर पा रहा है। हरिद्वार शहर में बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जबकि कई नोटिसों में त्रुटि का कारण तक उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को भी नोटिस मिला है और हरिद्वार जिले के लक्सर विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर ही 800 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं।
आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि दो माह तक चली निर्वाचन आयोग की कवायद के बाद इस तरह के नोटिस जारी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। हरिद्वार जिले में कुछ स्थानों पर बीएलओ की सहमति के बिना मतदाता बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक नहीं माने जाने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन और निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि बिना किसी स्पष्ट त्रुटि का उल्लेख किए मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे लोग अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से मतदाताओं में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सैनी ने भी निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पत्रकार वार्ता में नईम कुरैशी, फुरकान अली, विकास चंद्रा, अरशद, कैलाश प्रधान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
