♦कांवड मेला-2026 में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता बने
♦जिला, उप जिला मेला अस्पताल, मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने दी बधाई
♦इस बार अस्थाई चिकित्सा शिविरों की संख्या में हुआ इजाफा, दो अस्थाई शिविर बढे
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कांवड मेला-2026 का स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता को बनाये जाने पर जिला अस्पताल, उप जिला मेला अस्पताल, मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल के चिकित्सकों समेत स्टॉफ ने बधाई दी। बता दें कि डॉ. राजेश गुप्ता को भारी भरकम कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराने का अच्छा खासा अनुभव रहा है, जोकि पिछले छः वर्षो से कांवड मेले की जिम्मेदारी को बखूबी निभाते चले आ रहे है। कांवड मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सकुशल सम्पन्न कराने के लिए शासन-प्रशासन के लिए कांवड मेला बेहद ही चुनौती पूर्ण रहता है।
इस चुनौती पूर्ण कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की भी अहम भूमिका रहती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार द्वारा इस भारी भरकम कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए अपनी अहम भूमिका अदा करने के लिए कांवड मेले की जिम्मेदारी अनुभवी व कुशल प्रशासक के तौर पर डॉ. राजेश गुप्ता को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौपी जाती रही है। इसबार भी कांवड मेला-2026 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेहतर भूमिका निभाने के लिए नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौपी गई है। कांवड मेले में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता का मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए अपनी होनहार चिकित्सकों की टीम के चयन करने के लिए कई चरणों में बैठकों का दौर जारी है। कांवड मेले में दिन रात कांवडियों को स्वास्थ्य लाभ देने वाली टीम का जल्द ही अन्तिम रूप दे दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि कांवड मेला शासन-प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के लिए सकुशल सम्पन्न कराना चुनौती पूर्ण रहा है। कांवड मेले में प्रति वर्ष हरिद्वार पहुंचने वाले कांवडियों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। कांवडियों की संख्या के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग भी अपनी व्यवस्थाओं का विस्तार कर रही है। पिछले वर्ष कांवड मेला क्षेत्र में कांवडियों के स्वास्थ्य लाभ देने के लिए कुल 25 अस्थाई स्वास्थ्य शिविर लगाये गये थे, लेकिन इस बार अस्थाई स्वास्थ्य शिविरों की संख्या में इजाफा करते हुए उनकी संख्या 27 की गई है।
उन्होंने बताया कि इस बार चंडी पुल चौकी के पास एक स्वास्थ्य शिविर की जरूरत समझी जा रही थी, वहां पर एक अस्थाई चिकित्सका शिविर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं बैरांगी कैम्प में कांवडियों का दबाब काफी रहता हैॅ, जहां पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रति वर्ष दो स्वास्थ्य शिविर लगाये जाते रहे है। लेकिन इस बार वहां पर एक ओर अस्थाई स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया जा रहा है। अब बैंरागी कैम्प में कुछ तीन अस्थाई स्वास्थ्य शिविर स्थापित होगे। कांवड मेले के दौरान अगर कही ओर कुछ ओर व्यवस्थाओं में फेरबदल करनी पडा तो समय के अनुसार उसको भी किया जाएगा। लेकिन हरिद्वार पहुंचने वाले कांवडियों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। उनकी चिकित्सकों व स्टॉफ पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी सेवाए देने के लिए दिन-रात सजग रहेगें।
