♦आगामी 05 जुलाई को विशाल ओबीसी महापंचायत एवं जनसभा आयोजित का निर्णय
♦ओबीसी वर्ग महापंचायत के माध्यम से भरेगा अपने अधिकारों के लिए सरकार के खिलाफ हंुकार
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। पिछडा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढा कर 21 प्रतिशत किये जाने को लेकर जनपद हरिद्वार में पिछडा वर्ग संयुक्त मोर्चा हरिद्वार का गठन किया गया है। जिसके बैनर तले ओबीसी के नेताओं ने हरिद्वार और रानीपुर विधानसभा में ओबीसी समाज बाहुल्य क्षेत्र है। इस लिए दोनों विधानसभाओं में ओबीसी समाज के लोगों को टिकट दिये जाने की मांग की गई है। इस बात की जानकारी पिछडा वर्ग संयुक्त मोर्चा हरिद्वार के नेताओं धर्मपाल सिंह ठेकेदार, विनोद मलिक, विजय पाल सिंह, संजय सैनी आदि ने शुक्रवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि जनपद हरिद्वार में पिछडा वर्ग समाज की आबादी करीब 50 प्रतिशत होने के बावजूद राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। जबकि जनपद हरिद्वार में अधिकांश विधानसभा सीटों पर ओबीसी समाज चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हुए, जीत हार तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर पर्वतीय क्षेत्रों की बात की जाए तो वहां पर भी ओबीसी समाज को टिकट नहीं दिया जाता, सभी राजनीतिक दलों द्वारा ओबीसी समाज की घोर उपेक्षा की जा रही है। लेकिन अब ओबीसी समाज विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही उपेक्षा को बदोश्त नहीं करेगा और अपने अधिकारों के लिए लडाई को लडेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य गठन के समय पिछडे वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त था, लेकिन वर्ष 2014 में पर्वतीय गांवों में रहने वाले गंगाडी समुदाय, राठ समुदाय, मारछा और तोलछा समुदाय, खांसी व खस राजपूत, शिल्पकार, लोहार, ताम्रकार को जातिगत और सामाजिक पिछडेपन के आधार पर ओबीसी श्रेणी में शामिल कर लिए जाने के बाद मूल पिछडे वर्ग के हित प्रभावित हुए है। नेताओं ने कहा कि पिछडा वर्ग संयुक्त मोर्चा हरिद्वार आगामी 05 जुलाई को शुभारंभ वैकेट हाल ज्वालापुर में एक विशाल ओबीसी महापंचायत एवं जनसभा आयोजित करने जा रहा है। जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों से जुडे ओबीसी नेता शामिल होगें। इस महापंचायत में अपने अधिकारों के लिए सरकार के खिलाफ हंुकार भरी जाएगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान सतीश मलिक, उज्जवल वालिया, जेपी चाहर, पार्षद अनुज सिंह, धनीराम सैनी, एडवोकेट धर्मवीर कश्यप, मदनपाल गुर्जर, सुधीर ठेकेदार, डॉक्टर प्रेम प्रकाश सतलेवाल, विजय प्रजापति आदि मौजूद रहे।
