♦उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाया तो कांग्रेस करेगी विरोध
♦स्मार्ट मीटर के बिलों को लेकर लेकर जनता में उभर रहे मतभेद
♦अतिक्रमण के नाम पर गरीब व्यापारियों का रोजगार ना उजाडा जाए
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। ऊर्जा निगम पुलिस की मदद से लोगों के घरों पर स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिसके विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। ऊर्जा निगम द्वारा जिस-जिस क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास किया जा रहा हैं, वहां पर कांग्रेसी पहुंचकर अपना विरोध दर्ज करा रही हैं, वहीं क्षेत्र की जनता भी समार्ट मीटर लगाने का विरोध करते कर रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि स्मार्ट मीटर जनता पर थोपा नहीं जाना चाहिए। ऊर्जा निगम पुलिस की सहायता लेकर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है। जिन उपभोक्ताओं के मीटर ठीक काम कर रहे हैं। उन्हें बदलने का कोई औचित्य नहीं है। विद्युत विभाग को उपभोक्ताओं की सहमति से ही स्मार्ट मीटर लगाने चाहिए। यदि किसी उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाया गया तो कांग्रेस विरोध करेगी। स्मार्ट मीटर के बिलों को लेकर लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का रोजगार प्रभावित नहीं होना चाहिए, व्यापारियों की मांग को भी सुनना चाहिए। व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी एवं सोम त्यागी ने कहा कि शहर भर में पुराने मीटर लगे हुए हैं और सही चल रहे हैं। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगाने की जोर जबरदस्ती क्यों की जा रही है। जबकि लोग लगातार स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के हितों में फैसले लेने चाहिए। रसूखदार लोगों के अतिक्रमण पर भी प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों का रोजगार उजाड़ने से पहले बसाने की बात होनी चाहिए। अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न ना किया जाए। वरना कांग्रेस जनता के संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय सैनी ने कहा कि वर्तमान मास्टर प्लान जनता के हितों को देखते हुए नहीं बनाया गया है। लोगों के रोजगार को देखकर योजनाएं लागू होनी चाहिए। मास्टर प्लान में बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है, जोकि विकास में प्रमुख बाधा है। आवास निर्माण, होटल, गेस्ट हाउस, बड़ी गतिविधियां मास्टर प्लान से प्रभावित होंगी। भू उपयोग परिवर्तन नियमों के चलते व्यापार निर्माण श्रमिक कार्य प्रभावित होंगे। आवास विभाग द्वारा भू उपयोग शुल्क में 567 प्रतिशत की बढ़ोतरी का शासनादेश तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए। जनता के हितों में फैसला नहीं लिए जा रहे हैं।
कैलाश प्रधान एवं सतीश दुबे ने कहा कि महंगाई से जनता परेशान है। सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। वीआईपी मूवमेंट से लोगों के कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। जनता के काम ना रुके इसको लेकर अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। प्रेस वार्ता के दौरान डा.मेहरबान, सुनील चौहान, अशोक धींगान, राजेंद्र, सुनील चौहान आदि मौजूद रहे।
