मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने संयुक्त रूप से वैशाखी स्नान पर्व एंव सद्दभावना सम्मेलन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में ब्रीफ किया। बैशाखी स्नान पर्व सद्दभावना सम्मेलन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए व्यापाक बदोबस्त किये गये है। मेला क्षेत्र को 10 जोन व 33 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, सभी जोनल और सेक्टर क्षेत्रों में जोनल अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किये गये है।
स्नान पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सभी कर्मियों को सतर्कता, संयम एवं मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए। स्थानीय अभिसूचना इकाई को पूरे मेला क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों एवं संभ्रांत व्यक्तियों से समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने तथा जीआरपी एवं आरपीएफ के संपर्क में रहकर रेल के माध्यम से आने वाले यात्रियों की संख्या की मॉनिटरिंग करेंगे तथा समय से प्लान बनाकर सभी को सकुशल रुप से स्नान करायेंगे। बम निरोधक दस्ते व श्वान दल को 24 घंटे एंटी-सबोटाज चेकिंग करते हुए पूरे मेला क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर दबाव नियंत्रित किया जाए। प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी पॉइंट पर पूरी जिम्मेदारी से कार्य करे। मनसा देवी मंदिर एवं चंडी देवी मंदिर में कतार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महिला घाटों पर विशेष सतर्कता रखते हुए भीड़ का सुचारू संचालन किया जाए। जल पुलिस द्वारा घाटों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि डूबने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। हरकी पौड़ी क्षेत्र से भिखारियों को हटाकर आवागमन सुगम बनाया जाए।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाए। भीड़ नियंत्रण हेतु घुड़सवार पुलिस की तैनाती रहेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने हेतु विशेष प्लान लागू रहेगा। पर्व अवधि तक भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक उपयोग व नशा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं के साथ शिष्ट एवं सौम्य व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

