मुकेश वर्मा
हरिद्वार। विश्व विद्यालय प्रशासन की ओर से कार्मिकों की मांगो के सम्बंध में लिखित में निरस्तारण करने का अश्वासन दिया गया था। लेकिन उसके बावजूद भी विश्व विद्यालय प्रशासन कार्मिकों की मांगों के प्रति लापरवाह बना हुआ है। जिसको लेकर कार्मिकों ने अपनी मांगो के निस्तारण के प्रति अश्वासन के बाद भी उदासीन रवैया अपनाये जाने को लेकर विवि प्रशासन के खिलाफ कार्मिकों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस सम्बंध में संघ के अध्यक्ष खीमानंद भट्ट, उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता चंद तिवारी और समीर पांडेय ने संयुक्त रूप से कहा कि दीपावली के समय में कार्मिकों को वेतन भुगतान नहीं होना बहुत ही शर्मनाक है। विश्व विद्यालय लगातर इसी प्रकार का कृत्य करता आ रहा है, जब भी कोई त्यौहार आता है, कार्मिकों को वेतन के लाले पड़ जाते है। उप सचिव छत्रपाल व मोहित मनोचा ने कहा कि विश्व विद्यालय प्रशासन लगातर कार्मिकों को ठगने का कार्य करता आ रहा है, जल्द ही वेतन भुगतान नहीं किया गया तो कार्मिक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्व विद्यालय प्रशासन की होगी।
संग के वरिष्ठ कार्मिक दिलबर सिंह व सुदामा जोशी ने कहा कि विश्व विधालय अपनी हट धर्मिता को नहीं त्यागता तो कार्मिक दरियो पर आने को विवश होंगे और जब तक कार्मिकों की मांगो का निस्तारण नहीं होता तब तक आंदोलन उग्र रहेगा। ममता कठायत, चीफ फार्मासिस्ट ने संयुक्त रूप से कहा कि निरंतर विश्व विद्यालय की वेतन को लेकर हठधर्मिता को लेकर कार्मिक बहुत ही हताश है। आगामी समय में कर्मचारी संघ आयुष सचिव व मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की मांगो के सन्दर्भ में अपनी गुहार लगाएगा।
इस मौके पर अशोक चंद्रा, प्रवीन पुरोहित, अमित लांबा, शिखा नेगी, कमल, पप्पू, दिनेश, नितिन, रामपाल, दीपक, सुमन पाल, मनोज कुमार, ज्योति सिंह, विनोद कश्यप, मधु राणा, ममता बिष्ट आदि मौजूद रहे।
