अस्पताल प्रबंधन ने व्हीलचेयरों को लोहे की चेन के सहारे ताले में रखा
दलीलः व्हीलचेयरों को चोरी होने से बचाने के लिए की गयी हैं सुरक्षा
गार्ड तैनाती पर सीएमओ कार्यालय पर उपेक्षा किये जाने का लग रहे आरोप
महिला और मेला अस्पताल में दो-दो पीआरडी गार्ड किये गये हैं तैनात
जिला अस्पताल में गार्ड की डिमांड पर सीएमओ कार्यालय ने साधी हैं चुप्पी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिला अस्पताल में बुजुर्ग व विकलांग मरीजों के लिए व्हीलचेयर नही होने की खबर चलने के बाद अस्पताल का प्रबंधन जागा है। प्रबंधन ने खबर चलने के बाद अस्पताल में चार नई व्हीलचेयर की व्यवस्था की गयी है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्हीलचेयरों को लोहे की चेन लगाकर ताला डालकर रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन की दलील हैं कि अस्पताल से पूर्व में कई व्हीलचेयर चोरी हो चुकी है। इसलिए व्हीलचेयरों को सुरक्षा में रखा गया है। अस्पताल में अलग-अलग रखी गयी व्हीलचेयर के लॉक की चांबी एमरजेंसी में तैनात ईएमओ और वार्ड सिस्टर को सौपी गयी है।
अस्पताल प्रबंधन ने गार्ड की तैनाती को लेकर सीएमओ कार्यालय पर जिला अस्पताल की उपेक्षा किये जाने का आरोप भी मढा है। प्रबंधन का आरोप हैं कि सीएमओ कार्यालय को अस्पताल में पीआरडी जवान तैनात करने के लिए अनुरोध पत्र भेज कर किया गया था। लेकिन आज तक सीएमओ कार्यालय की ओर से इस दिशा में कोई सकारात्मक जबाब नहीं मिला है। जबकि दो-दो गार्ड सीएमओ कार्यालय की ओर से राजकीय महिला अस्पताल और मेला अस्पताल में तैनात कराये गये है। लेकिन जिला अस्पताल द्वारा दो गार्डो के लिए लिखे गये अनुरोध पत्र को अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
जिला अस्पताल में बुजुर्ग व विकलांग मरीजों के लिए व्हीलचेर ना होने की खबर चलने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है। जिला अस्पताल प्रबंधन ने अनन-फनन में चार नई व्हीलचेयर की व्यवस्था की गयी है। जिनमें दो व्हीलचेयर की एमरजेंसी वार्ड के पास और एक-एक व्हीलचेयर नीचले और ऊपरी वार्ड में व्यवस्था की गयी है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने व्हीलचेयर को लोहे की चेन डाल कर ताला लगा दिया है। प्रबंधन की ओर से व्हीलचेयरों में लोहे की चेन डालकर किसी स्पोट के सहारे ताला डाल दिया गया है। प्रबंधन की इस मंशा को लेकर फिर व्हीलचेयर की सार्थकता पर सवाल खड़े हो रहे है। लेकिन इस सम्बंध में अस्पताल प्रबंधन की अपनी ही अलग अजीब सी दलील दी जा रही है। प्रबंधन की दलील हैं कि पूर्व में भी व्हीलचेर अस्पताल से मरीज के तिमारदार अपने साथ ले जाते है। इसलिए व्हीलचेयर को सुरक्षा के घेरे में रखा जा रहा है, ताकि उसको कोई चोरी ना कर ले जाए।
जिला अस्पताल चिकित्साधिकारी डॉ. विकासदीप ने बताया कि जिला अस्पताल में बुजुर्ग व विकलांग मरीजों के लिए बुधवार को चार नई व्हीलचेयर की व्यवस्था की गयी है। जिनमें दो व्हीलचेयर को एमरजेंसी वार्ड के पास रखी गयी है। जबकि एक-एक व्हीलचेयरों को निचले इंडोर और ऊपरी इंडोर वार्ड में रखा गया है। व्हीलचेयरों को कोई चोरी ना कर ले जाए, इसके लिए उनको लोहे की चेन डालकर किसी स्पोट के सहारे ताला लगाया गया है। जिनकी चांबी एमरजेंसी वार्ड में तैनात ईएमओ और इंडोर में रखी गयी व्हीलचेयर के तालों की चांबी सिस्टर कमरे में उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा दो ओर व्हीलचेयरों की व्यवस्था ओपीडी के लिए की जा रही है। जिनको ओपीडी कक्ष के प्रवेश द्वार पर रखी जाएगी। व्हीलचेयर की जिम्मेदारी वहां मौजूद आशाकार्यत्री के सुपूर्द की जाएगी।
उन्होंने जिला अस्पताल में पीआरडी जवानों की तैनाती को लेकर सीएमओ कार्यालय पर उपेक्षा किये जाने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा हैं कि जिला अस्पताल की ओर से सुरक्षा के लिए दो पीआरडी जवानों को तैनात करने के लिए सीएमओ कार्यालय को अनुरोध पत्र भेजा गया था। लेकिन आज तक अस्पताल से भेजे गये अनुरोध पत्र को कोई सकारात्मक जबाब नहीं मिला हैं और ना ही कोई गार्ड की तैनाती ही की गयी है। जबकि राजकीय महिला अस्पताल और मेला अस्पताल में दो-दो पीआरडी जवान की तैनाती सीएमओ कार्यालय की ओर से की गयी है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से पत्र व फोन के माध्यम से भी कई बार दो पीआरडी जवान की तैनाती का अनुरोध किया जा चुका है। लेकिन जिला अस्पताल की गार्ड की डिमांड पर सीएमओ कार्यालय चुप्पी साधे हुए है।
जिला अस्पताल की मेटन ऊषा और मनोरमा राय ने संयुक्त रूप से बताया कि जिला अस्पताल में 06 व्हीलचेयर रखी गयी थी। जिनमें दो व्हीलचेयर एमरजेंसी वार्ड, दो-दो व्हीलचेयरों को निचले इंडोर वार्ड और ऊपरी वार्ड में रखा गया था। जिनको अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर ले गये। सम्भावना जताई जा रही हैं कि उपचार कराने पहुंचे मरीजों के तिमारदारों द्वारा अपने मरीजों को वाहन में बैठते वक्त अपने साथ ले गये होगें। केवल अस्पताल से व्हीलचेयर ही चोरी नहीं बल्कि लावारिस मरीज कई बार वार्ड से कम्बल, चादर आद समान लेकर चले गये।
उन्होंने बताया कि अस्पताल का स्टॉफ मरीजों के उपचार में व्यस्त रहता हैं, किसी के माथे पर नहीं लिखा होता कि वह समान ले उड़ेगा। इसलिए किसी पर शक भी नहीं किया जा सकता। जिला अस्पताल में अब चार नई व्हीलचेयरों की व्यवस्था की गयी है। जिनकी सुरक्षा के भी इंतजाम किये गये ताकि कोई व्हीलचेयरों को अपने मरीज के साथ ना ले जाए। अस्पताल की ऐसी चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए कई बार उनके द्वारा गार्ड तैनाती के लिए अस्पताल प्रबध्ंान से अनुरोध किया जा चुका है।
