दरोगा को मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन अवॉर्ड से नवाजा जा रहा
परिजनों के खिलाफ जाकर शादी करने वाली युवती की थी भाईयों ने हत्या
वर्ष 2018 में खानपुर हरिद्वार की हैं घटना, कुल्हाड़ी व फावड़े से था काटा
डीजीपी ने दरोगा भगवान सिंह महर को दी इस उपलब्धि के लिए बधाई
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। ऑनर किलिंग करने वाले दो सगे भाईयों समेत ममेरे भाई को मृत्युदंड दिलाने वाले उपनिरीक्षक भगवान सिंह महर को 15 अगस्त 23 को गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन अवॉर्ड से नवाजा जा रहा है। जिसके लिए उत्तराखण्ड के डीजीपी अशोक कुमार ने उपनिरीक्षक को बधाई दी है। इस बात की जानकारी मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा मीडियां को जारी प्रेस नोट जारी कर दी गई है।
मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा जारी किये गये प्रेस नोट में कहा गया हैं कि 18 मई 2018 को हरिद्वार के खानपुर में स्वजनों के खिलाफ जाकर एक युवती प्रीति ने शादी की थी। जिससे खफा होकर उसके दो सगे भाईयों कुलदीप व अरूण और ममेरे भाई राहुल ने अपनी बहन प्रीति की मामा के घर ग्राम अवधिपुर खानपुर हरिद्वार जाकर कुल्हाड़ी व फावड़े से काटकर नृशंस हत्या कर दी थी। जिस सम्बन्ध में मृतका के पति बृजमोहन की तहरीर पर थाना खानपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसकी विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष खानपुर के पद पर तैनात उपनिरीक्षक भगवान सिंह महर द्वारा की गयी थी।
उपनिरीक्षक भगवान सिंह महर द्वारा हत्या की विवेचना त्वरित गति से करते हुए आरोपियों के खिलाफ 13 अगस्त 2018 को माननीय न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया गया था। उपनिरीक्षक भगवान सिंह महर द्वारा एकत्र किये गये साक्ष्यों, समय पर प्रस्तुत किये गये गवाहों, वैज्ञानिक साक्ष्य एवं ठोस पैरवी के आधार पर माननीय अपर सत्र न्यायाधीश लक्सर, हरिद्वार द्वारा आरोपियों कुलदीप, अरूण व राहुल को हत्या मामले में मृत्युदंड एवं अर्थदंड से दंडित किया गया।
गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा उपनिरीक्षक भगवान सिंह महर को उत्कृष्ट विवेचना किये जाने के लिए अन्वेषण में उत्कृष्टता हेतु वर्ष 2023 के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री पदक से सम्मानित किये जाने की घोषणा की गयी है। जिसके लिए अशोक कुमार पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड ने उपनिरीक्षक भगवान सिंह महर को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।








