दो निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक समेत कई पुलिस कर्मी घायल
डीएम व एसएसपी समेत कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा
मजिस्ट्रेट के आदेश पर गांव में घुसकर दो दर्जन हिरासत में लिये
तनाव की स्थिति को देखते हुए डीएम व एसएसपी गांव में कैम्प किये हुए
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। बेलड़ा गांव में युवक की मौत को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गयी, पथराव की घटना में दो निरीक्षक, एक दरोगा समेत कई पुलिस कर्मी चोटिल हो गये। जिनको उपचार के लिए निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर डीएम व एसएसपी समेत जनपद का पुलिस फोर्स तत्काल मौके पर पहुंचा। करीब डेढ-दो घंट ग्रामीणों को समझाने के बाद भी मामला शांत न होने पर मजिस्ट्रेट के आदेश लेकर गांव में घुसकर पुलिस ने करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए डीएम और एसएसपी पुलिस बल के साथ गांव में कैम्प किये हुए है और हर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि रविवार की रात को रूड़की से काम से वापस गांव में लौटते बाइक सवार की एक घटना में मौत हो गयी थी। घटना को लेकर मृतक के परिजन समेत भारी संख्या में ग्रामीण सिविल हॉस्पिटल पहुंचे और फिर सिविल लाइंस रूड़की पहुंचकर घटना का विरोध करते हुए जमकर प्रदर्शन कर धरना दिया। मामले की गम्भीरता को देखते हुए आसपास थाना पुलिस बल को मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने गुस्साएं ंग्रामीणों को आरोपियों के खिलाफ विधि सम्वत कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने शव को हाईवे व कोतवाली पर रखकर जाम करने का प्रयास किया। लेकिन मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने गुस्साएं ग्रामीणों को समझा बुझा कर गांव की ओर रवाना कर दिया। इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया। पथराव की घटना में भगवानपुर प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथान, मंगलौर प्रभारी निरीक्षक मनोज मैनवाल, उपनिरीक्षक बारू सिंह चौहान समेत कई पुलिस कर्मी घायल हो गये। घायल दोनों निरीक्षकों समेत उपनिरीक्षक को उपचार के लिए निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। गांव के हालत की जानकारी आलाधिकारियों को दी गयी।

कप्तान ने बताया कि सूचना पर डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल और वह स्वयं भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गुस्साएं ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन करीब डेढ-दो घंटों तक समझाने का असर ना होने तथा ग्रामीणों की ओर से लगातार पथराव होने से पुलिस कर्मियों के घायल होने पर मजिस्ट्रेट से आदेश लेकर पुलिस बल ने गांव में प्रवेश किया। पुलिस ने बाहर से आये करीब दो दर्जन शरारती तत्वों का हिरासत में ले लिया है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए डीएम और वह खुद गांव में कैम्प किये हुए है और हर स्थिति पर नजर बनाये हुए है।
