जहां भी वृक्ष लगाने की जगह मिलती है वहां वृक्ष जरूर लगाये
पर्यावरण पर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज
विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन, बच्चों को किये पौधे वितरित
अनूप कुमार/अर्क शर्मा
हरिद्वार। ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के सभागार में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में बेस्ट प्लास्टिक पॉल्यूशन एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान इंडियन रेड क्रॉस सचिव डॉ नरेश चौधरी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है कि पर्यावरण को लेकर समाज जागरूक किया जा सके और अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जा सके। जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के प्रति जागरूक होकर संपूर्ण जन समाज चिंतन करें और वर्तमान परिपेक्ष में प्लास्टिक का उपयोग करने वाले लोगों को वैकल्पिक तरीके के संबंध में सोचने के प्रोत्साहित किया जा सके।
उन्होने कहा कि जहां भी वृक्ष लगाने की जगह मिलती है वहां तो वृक्ष लगाये और उनको बड़े होने तक पानी एवं पूर्ण सुरक्षित रखने की स्वयं जिम्मेदारी लें। पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति यदि कम से कम 9 पौधे को रोपित कर उनको आगामी पर्यावरण दिवस तक देखभाल करने का संकल्प लें। साथ ही अपने घरों की बालकनी में भी कम से कम 9 पौधे अवश्य रोपित करें और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाएं।
डॉ. नरेश ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखने के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, और प्लास्टिक महामारी को नई पीढ़ी ही जन जागरण अभियान चलाकर समाप्त कर सकती है, जिससे संपूर्ण विश्व चिंतित है। पर्यावरण पर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रभावी और मजबूत समाधान की आवश्यकता है, इसके लिए समय-समय पर जन जागरूकता अभियान के तहत लोगों को प्रेरित करें कि प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने की जरूरत है।
डॉ. चौधरी ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित करने की जिम्मेदारी हम सभी को एकजुट होकर उठानी होगी और आधुनिकता के इस दौर में हमें और हमारी प्रकृति को प्लास्टिक प्रदूषण से हो रहे नुकसान पर केंद्रित होकर समाज में अग्रणी भूमिका का निर्वाहन करना होगा। तभी हम पर्यावरण को प्रदूषण से पूर्णतया मुक्त कर स्वस्थ्य पर्यावरण से धरती को स्वर्ग बना पाएंगे। संगोष्ठी के उपरांत बच्चों को पौधे भी वितरित किए गए। जिससे बच्चे विशेष रूप से अपने अपने अभिभावकों को पर्यावरण के लिए जागरूक करेंगे। संगोष्ठी में डॉ भावना, डॉ आराधना, डॉ वैशाली, डॉ आकांक्षा ,डॉ वषार्, डॉ रेनू, डॉ हेमलता, पूनम, डॉ उर्मिला पांडे, काशवी ने सक्रिय सहभागिता की।



