एएचटीयू टीम ने किया तीर्थनगरी में बड़ा खुलासा, एक आरोपी गिरफ्रतार
दोनों बहनों को नशा देकर दुष्कर्म कर हरकी पौड़ी पर मंगवाता था भीख
विरोध करने पर की जाती थी दोनों बहनों के साथ मारपीट
मां केे मरने के बाद पिता दोनों बहनों को हरिद्वार में था छोड़ा
मुकेश वंर्मा
हरिद्वार। एंटी हा्यूमन ट्रैफिंग सैल ने हरिद्वार में नाबालिगों को फ्रलूड नशा कराकर दुष्कर्म करने तथा हरकी पौड़ी पर भीख मांगवाने का बड़ा खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्रतार किया है। जिसके कब्जे से दो नाबालिग सगी बहनों को बरामद किया है। एंटी हा्यूमन ट्रैफिंग सैल की ओर से आरोपी के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। जबकि दोनों सगी बहनों को शिशु बालिका गृह केदारपुरम देहरादून में आश्रय दिलाया गया है।
कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक भावना कैंथोला ने बताया कि बाल अपराध की रोकथाम एवं भिक्षावृत्ति कराने वाले अपराधियों पर अंकुश लगाने के सम्बन्ध में एसएसपी अजय सिंह द्वारा निर्देश दिये गये है। जिसके क्रम में सूचना पर एंटी हा्यूमन ट्रैफिंग यूनिट की नोडल अधिकारी सीओ ऑप्स निहारिका सेमवाल के नेतृत्व में यूनिट निरीक्षक राकेन्द्र सिंह कठैत की टीम ने कोतवाली नगर पुलिस को साथ लेकर रोड़ीबेलवाला क्षेत्र से एक शातिर नशाखोर प्र्रिंस पुत्र मनोज निवासी रोड़बेलवाला हरिद्वार को दबोचा है। जिसके कब्जे से दो नाबालिग सगी बहनों जिनकी उम्र करीब 12 व 15 साल हैं, को मुक्त कराया है।
पूछताछ के दौरान पीडित बहनों ने बताया कि उनकी मां का देहात हो चुका है। उनका पिता दोनों बहनों को हरिद्वार धुमाने के बहाने लाकर यहां छोड़ कर चला गया। दोनों बहने पेट भरने के लिए इधर उधर भटक रही थी। इसी दौरान प्रिंस उनको मिला, जिसने उनको डरा धमका कर पहले फ्रलूड का नशा कराया और फिर शरीरिक शोषण करता था विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। दोनों बहनों से हरकी पौड़ी पर भीख मांगवाना भी शुरू कर दिया।
एंटी हा्यूमन ट्रैफिंग यूनिट की ओर से आरोपी प्रिंस के खिलाफ कोतवाली नगर में पोक्सों समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्रतार कर मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पीडित दोनों बहनों को शिशु बालिका गृह केदारपुरम देहरादून में आश्रय दिलाया गया है। पुलिस की इस कार्यवाही से शहर भर में प्रशंसा की जा रही है।
बालिकाओं को मुक्त कराने वाली टीम में एंटी हा्यूमन ट्रैफिंग यूनिट नोडल अधिकारी सीओ ऑप्स निहारिका सेमवाल, निरीक्षक राकेन्द्र सिंह कठैत, कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक भावना कैंथोला, एएचटीयू हेण्ड कांस्टेबल राकेश कुमार, एएचटीयू महिला कांस्टेबल हेमलता और एएचटीयू चालक दीपक चंद शामिल रहे।
