पढ़ाई की डांट से परेशान होकर गढी अपने अपहरण की झूठी कहानी
पुलिस ने चंद घंटों में ही किया अपहरण का खुलासा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। वैकट हॉल स्वामी के बेटे का अपहरण का मामला पुलिस की जांच में झूठा निकला। पढाई की डांट से परेशान होने पर उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी गढते हुए पुलिस छक कर दौड़ाया। लेकिन बेटे की कहानी की पोल उस वक्त खुल गयी, जब वह अपनी ही साइकिल से वापस घर लौटने की जानकारी पुलिस को लगी। इस जानकारी के बाद पुलिस ने बच्चे से प्यार से पूछताछ की तो उसने सब सच उगल दिया। अपहरण का मामला झूठा निकलने पर पुलिस ने राहत की सास ली।
कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि ज्वालापुर पीठ बाज़ार निवासी अनुराग झा पुत्र लक्ष्मी नारायण झा ने चौकी रेल में सूचना दी कि उनके 11 वर्षीय बेटे को अज्ञात बाइक सवारों ने ट्यूशन जाते वक्त अपहरण कर लिया, कुछ दूर जाकर बच्चा उनके चंगुल से बचकर भाग आया। सूचना पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल ज्वालापुर रेल चौकी प्रभारी सुधंशु कौशिक अन्य पुलिसकर्मी बच्चे ओर उसके परिजनों को लेकर पीठ बाज़ार घटना स्थल पर पहुँचे। बच्चे की निशानदेही पर घटना स्थल का निरीक्षण किया और उस रूट पर गये जहाँ से बच्चे के अनुसार बाइक सवार और स्कूटी सवार अपहरण कर ले गये थे।
बच्चे के अनुसार अपहर्ता उसे बाइक में बैठा कर लोधमंडी ले गये। जहाँ पर किसी बाबा से बात करने लगे, इसी दौरान मौक़ा पाकर वह उनकी पकड़ से छूट कर भाग गया। घटना की जानकारी एसएसपी समेत अन्य अधिकारियो को दी गयी। एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर घटनास्थल और रूट के आसपास लगे क़रीब दो दर्जन सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, लेकिन घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। जब पुलिस टीम को जानकारी लगी कि बच्चा खुद साइकिल से घर वापस लौटा था।
इस जानकारी पर पुलिस को शक होने पर बच्चे को विश्वास में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पढ़ाईं में डाँट के कारण घरवालों से परेशान था। इसलिए उसने फिल्मों में देखी घटनाओं से प्रेरित होकर अपने अपहरण की झूठी कहानी गढ डाली। जबकि बच्चे ने पहले पुलिस को जानकारी दी थी कि स्कूटी सवार बदमाश उसको उठाकर बाइक सवार दो लोगों के पीछे लेकर बैठ कर भागे थे और स्कूटी सवार उसकी साइकिल बाध कर ले गया था। बच्चे के झूठे अपहरण का खुलासा होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सास ली है।
