पुलिस पर लग रहे मामले को ठंडे बस्ते में डालने के आरोप
आरोपः पुलिस की जांच राजनीतिक दबाब के चलते नही बढ रही आगे
पुलिस प्रकरण में जांच करने के कर रही दावे
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। खन्नानगर प्रकरण मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी विधायक प्रतिनिधि समेत 13 युवकों को नामजद करते हुए 9-10 अज्ञात के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया है। लेकिन मामला दर्ज हुए एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई एक्शन होता नजर नहीं आ रहा है। जिसको लेकर शहर में चर्चा हैं कि पुलिस राजनीतिक दबाब के चलते कार्यवाही करने से हिचकिचा रही है। प्रकरण को लेकर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। जबकि पुलिस मामले में जांच की बात कह रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अरूण भदौरिया एडवोकेट निवासी जगजीतपुर कनखल ने न्यायालय के आदेश पर कोतवाली ज्वालापुर में तहरीर देते हुए खन्नानगर प्रकरण मामले में दूसरे पक्ष की ओर से पहले पक्ष के 13 युवकों को नामजद करते हुए 9-10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिनमें नगर विधायक प्रतिनिधि शामिल है। अरूण भदौरिया एडवोकेट ने तहरीर में कहा हैं कि 06 अगस्त 22 को ज्वालापुर स्थित अनुराग पैलेस में भाजपा के कार्यक्रम में मेरे परिचित विष्णु अरोड़ा जोकि रेलवे रोड़ व्यापार मण्डल और नशा विरोधी संगठन के अध्यक्ष है। जिनका भाजपा कार्यक्रम में दीपक टंडन निवासी खन्नानगर ज्वालापुर के साथ विवाद हो गया। लेकिन वहां मौजूद लोगों ने मामले को शांत करा दिया।
आरोप हैं कि दीपक टंडन ने षडयंत्र के तहत घर पहुंचकर अपने कुछ साथियों जिनमें शशांक पंडित, गोली ऊर्फ हर्षदीप, किशन बजाज, अर्जुन भूरा, सुमित कटारिया, गौरव घोष, नितिन शर्मा, दीपू शर्मा, सटरू, सागर टंडन, नवीन, राहुल चौहान सहित 9-10 अज्ञात बुला लिये। जिनमें किशन बजाज नगर विधायक प्रतिनिधि है। उसी दिन विष्णु अरोड़ा का छोटा भाई जिसकी रेलवे रोड़ पर कपड़े की दुकान हैं, दोपहर करीब सवा एक बजे स्कूटी से घर खाना लेने जा रहा था।
आरोप हैं कि दीपक टंडन ने कृष्ण अरोड़ा को प्यार से अपने घर बुलाकर उसको अनुराग पैलेस की घटना की जानकारी देते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दी। जिसकी जानकारी पड़ौसी ने विष्णु अरोड़ा को दी। आरोप हैं कि जब विष्णु अरोड़ा मौके पर पहुंचा, तभी दीपक टंडन ने अपनी योजना के तहत विष्णु अरोड़ा पर लाठी-डण्डे, तलवार व सरिये से हमला बोल दिया। इतना ही नहीं उन लोगों ने पिस्टल से फॉयर भी किया गया। जिसमें विष्णु अरोड़ा बाल-बाल बच गया और अपनी जान बचाने के लिए भाग गया।
आरोप हैं कि दीपक टंडन व उसके साथियों ने विष्णु अरोड़ा को नजर आने पर जान से मारने की धमकी दी और दीपक टंडन ने विष्णु अरोड़ा के छोटा भाई कृष्ण अरोड़ा को कमरे में बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कृष्ण अरोड़ा को उनके चुंगल से छुड़ाया। आरोप हैं कि अगर पुलिस ना पहुंचती तो यह लोग कृष्ण अरोड़ा की हत्या कर देते। विष्णु अरोड़ा क्षेत्र में नशा कारोबार का विरोध करता है। जिसकारण उक्त उससे रजिंश रखते है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दीपक टंडन समेत उसके 13 साथियों को नामजद व 9-10 अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
आरोप हैं कि मुकदमा दर्ज किये हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी ज्वालापुर पुलिस का उक्त मामले में कोई एक्शन होता नजर नहीं आ रहा है। चर्चा हैं कि पुलिस नगर विधायक के दबाब में उक्त प्रकरण में कार्यवाही करने से बच रही हैं और मामले में लिपापोती करते हुए उसको ठंडे बस्ते में डाले हुए है। प्रकरण के विवेचक व रेल चौकी प्रभारी सुंधाशु कौशिक ने बताया कि मामले में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही घटना के आसपास के लोगों समेत पीडित को बुलाकर उनके बयान दर्ज करेगी।
