डिस्चांर्ज मरीज के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन लेेने का प्रयास
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कोरोना संक्रमित हाॅस्पिटल से ठीक होकर घर जा चुकी महिला मरीज के नाम के पर्चे पर रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने का प्रयास करने का मामला प्रकाश में आया है। फार्मेसी संचालक को शक होने पर हाॅस्पिटल मरीज की जानकारी जुटाने पर मामले का खुलासा हुआ। जिसकी शिकायत पर कनखल पुलिस ने हाॅस्पिटल के प्रबंधक, चिकित्सक, ब्लड बैंक प्रबंधक और कर्मी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जबकि इंजेक्शन लेने पहुंचे कर्मी को मौके से गिरफ्रतार कर लिया।
कनखल थाना प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार ने बताया कि हरिद्वार फार्मेसी कनखल संचालक अमित गर्ग पुत्र विजेन्द्र कुमार निवासी निर्मल विहार मिश्रा गार्डन कनखल ने कनखल थाने में तहरीर देते हुए शिकायत की हैं कि रविवार को सुनील कुमार पुत्र पप्पू सिंह निवासी हुसैनपुर पुरकाजी मुजफ्रपफरनगर यूपी हाल जीवन रक्षक ब्लड बैंक आहुजा पेट्राॅल पम्प के सामने ज्वालापुर दो पर्चे कोरोना संक्रमित महिला मरीजों जोकि योग माता पायलेट बाबा मल्टी स्पेशलिटी हाॅस्पिटल देश रक्षक मोड कनखल में भर्ती के नाम के वहां तैनात चिकित्सक डाॅ. अखिलेश सिंह के द्वारा कोरोना उपचार में इस्तेमाल रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने पहुंचा।
जिसपर शक होने पर इंजेक्शन लेने पहुंचे युवक सुनील कुमार से पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि वह जीवन रक्षक ब्लड बैंक में कार्यरत है और उसको ब्लड बैंक के प्रबंधक जगवीर सिंह पुत्र धूम सिंह निवासी गुलियाणाा कैथल हरियाणा ने पर्चे देकर इंजेक्शन लेने के लिए भेजा है। जब फार्मेसी संचालक द्वारा उक्त हाॅस्पिटल प्रबंधक को फोन कर मरीजों के जानकारी ली गयी तो पता चला कि महिला मरीज को 27 अप्रैल को कोेरोना संक्रमित होने पर भर्ती कराया गया था, जोकि ठीक होकर 30 अप्रैल को वापस हाॅस्पिटल से डिस्चांर्ज होकर घर जा चुकी है।
फार्मेसी संचालक ने हाॅस्पिटल प्रबंधक, चिकित्सक, ब्लड बैंक प्रबंधक सहित कर्मी के खिलाफ साजिश के तहत धोखाधडी करते हुए काला बाजारी करने की नीयत से मरीजों के नाम पर फर्जी तरिके से इंजेक्शन लेने का प्रयास किया गया। पुलिस ने फार्मेसी संचालक की तहरीर पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए ब्लड बैंक कर्मी को गिरफ्रतार कर लिया है। जबकि अन्य के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।
