पाॅजिटिव मिलने पर अलग से बनाया डेस्क
संक्रमण की संख्या पर लगाम लगाने के लिए उठाया कदम
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। शहर में बढते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला अस्पताल पीएमएस ने अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बिना एंटीजन टेस्ट के प्रवेश पर प्रतिबंध् लगा दिया है। जिला अस्पताल द्वारा यह कदम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है। ताकि संक्रमितों की संख्या में बढोत्तरी न हो। जिला अस्पताल के बाहर ही अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का एंजीटन टेस्ट कराने की व्यवस्था की गयी है।
यदि व्यक्ति नेगेटिव हैं तो उसको प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। यदि पाॅजिटिव पाया जाता हैं तो उसके लिए अलग से डेस्क बनाई गयी है। जहां पर एक चिकित्सक को तैनात किया गया है। जहां से पाॅजिटिव मरीज को दवा उपलब्ध कराते हुए होम आईसोलेट की सलाह दी जा रही है। यदि किसी को सास लेने या फिर अन्य परेशानी पैदा हो रही, जो होम आईसोलेट होने पर दूर नहीं हो सकती। उन मरीजों को कोविड सेंटर में भर्ती कराया जा रहा है।
बता दें कि गत दिनों कोरोना संक्रमित के सम्पर्क में आने पर चिकित्सक व स्टाॅफ संक्रमित हो गये थे। जिसकारण जिला अस्पताल को तीन दिनों के लिए बंद करते हुए सैनिटाईज कराया गया था। जिससे जिला अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गयी थी और मरीजों को भी भारी परेशान का सामना करना पड़ा था। अभी भी जिला अस्पताल के पचास प्रतिशत स्टाॅफ कोरोना से संक्रमित हैं और होम आईसोलेट है।
जिला अस्पताल पीएमएस डाॅ. राजेश गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों व स्टाॅफ को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने तथा कोरोना संक्रमण की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए जनहित में निर्णय लिया गया है। अस्पताल पहुंचने वाले व्यक्ति को पहले बाहर बने कोरोना एंटीजन टेस्ट सेंटर से होकर गुजरना होगा। यदि व्यक्ति नेगेटिव पाया जाता हैं तो उसको अस्पताल के भीतर प्रवेश की अनुमति इसी शर्ते पर दी जा रही हैं कि मुंह पर मास्क, सोशल डिस्टेसिंग और सैनेटाईज का इस्तेमाल करना होगा। यदि कोई व्यक्ति पाॅजिटिव पाया जाता हैं कि उसके लिए अस्पताल के बाहर ही अलग से एक डेस्क बनाया गया है। जहां पर एक चिकित्सक की तैनाती की गयी है। जोकि कोरोना पाॅजिटिव मरीजों को दवा उपलब्ध् कराते हुए होम आईसोलेट की सलाह दी जा रही है।
अगर किसी मरीज को अधिक परेशानी जैसे कि सांस लेने में दिक्कत या फिर ऐसी कोई परेशानी जोकि होम आईसोलेट होकर ठीक नहीं हो सकती। और अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक हैं ऐसे मरीजों को कोविड सेंटर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की हैं कि सभी घरों में रहे और जब बेहद जरूरी हो तभी घर से निकले। और स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन का पालन करे।
