कप्तान ने जांच की बात कही, सिडकुल पुलिस ने किशोरी का झूठा ठहराया
मुजफ्रपफरनगर में भी दो पर मुकदमा दर्ज कराने की बात पुलिस ने कही
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। दुष्कर्म पीडिता ने सिड़कुल थाना पुलिस पर आरोपी को बचाने तथा वहां तैनात दो सिपाहियों पर जबरन दुष्कर्म करने का गम्भीर आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी है। चूंकि मामला चार माह पुराना हैं लेकिन पीडिता के पत्रकारों के समाने आकर मामले को ओर गरमा दिया है। लेकिन वहीं पुलिस का कहना हैं कि किशोरी का आरोप गलत हैं, किशोरी ने खुद कोर्ट में अपने बयान में युवक पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी। जिसके आधार पर पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी। पुलिस का कहना तो यह भी हैं कि किशोरी मुजफ्रफरनगर में दो लोगों पर भी ऐसा ही झूठा मुकदमा दर्ज करा चुकी है। एसएसपी ने मामले की जांच की बात कही है। दुष्कर्म की पीडिता ने प्रेस क्लब हरिद्वार पहुंचकर सिड़कुल थाने पर गम्भीर आरोप लगाते हुए आरोपी युवक को बचाने का आरोप मढते हुए कहा कि चार माह पूर्व उसकी दोस्ती शिवालिकनगर में एक मोबाइल रिचार्ज की दुकान पर विशु चौधरी निवासी मुजफ्रफरनगर यूपी हाल निवासी इन्द्र लोक काॅलोनी सिड़कुल हरिद्वार से हुई थी। जोकि सिड़कुल स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। युवक ने उसको शादी का झांसा देेकर उसने उसका शरीरिक शोषण किया। लेकिन जब उसने युवक को शादी के लिए कहा तो युवक ने उसके साथ मारपीट की गयी। जिसकी शिकायत सिड़कुल थाना पुलिस से की गयी थी। लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। वह अपनी शिकायत लेकर एसपी सिटी ममता बोहरा के पास पहुंची और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने पर आत्महत्या करने की बात कही थी। जिसके बाद उसका मुकदमा दर्ज किया गया। पीडिता ने गम्भीर आरोप लगाया कि दो सिपाही उसको आरोपी को दबोचने के लिए उसकी फैक्ट्री ले ले गये। लेकिन लौटते समय दोनों सिपाहियों ने उसको जगंल ले गये, जिसका उसने विरोध् किया तो उन्होंने पिस्तोल दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसकी शिकायत उन्होंने सिड़कुल एसओ सहित एसपी सिटी से की थी। लेकिन उन्होंने ने भी उसकी बात पर विश्वास नहीं किया। पीडिता ने आरोप लगाया कि सिड़कुल थाना पुलिस ने आरोपी से उसको बचाने के लिए तीन लाख रूपये लिए, थाने में ही युवक से एक समझौता कराया गया था जिसमें युवक ने लिखकर दिया था कि जब किशोरी 18 साल की हो जाएगी तो वह शादी करेगा। वहीं सिड़कुल थाना एसओ देवराज शर्मा के अनुसार किशोरी झूठ बोल रही हैं। किशोरी ने खुद कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराये थे कि युवक से उसकी दोस्ती थी लेकिन युवक ने बात करनी बंद कर दी। इसलिए उसने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी। एसओ देवराज शर्मा का कहना हैं कि किशोरी झूठ बोल रही है। बेवजह सिपाहियों को भी बदनाम किया जा रहा है। जबकि किशोरी ने 1 सितम्बर 18 को मुजफ्रफरनगर निवासी दो युवकों विनोद निर्वाल और जाहिद के खिलाफ आदर्श अनाज मण्डी थाना मुजफ्रफरनगर यूपी में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने अनुसार किशोरी ने युवक के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन बाद में कोर्ट में 164 के बयान में उसने युवक के बात न करने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसपर पुलिस ने एफआर लगा दी थी। लेकिन किशोरी के सम्बंध् में एक ओर मामला सामने आया हैं कि किशोरी ने मुजफ्रफरनगर में भी दो लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, इस बात की जांच करायी जा रही है।
