पर्यावरणविद प्रेमियों में शोक, प्रशासन में हड़कम्प
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। पर्यावरणविद स्वामी सानंद की आज ऋषिकेश एम्स में निधन हो गया। जिनको जिला प्रशासन ने बुधवार को तप से जबरन उठाकर एम्स में भर्ती कराया गया था। स्वामी सानंद पिछले 111 दिनों से गंगा पर बनी परियोजनों के विरोध् में तप पर बैठे थे। वहीं मातृ सदन के संत स्वामी शिवानंद सरस्वती ने हत्या करार दिया है। जिसके लिए केन्द्र सरकार, जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। बताते चले कि पिछले 111 दिनों से अनशन पर बैठे स्वामी सानंद को जिला प्रशासन ने उनके स्वास्थ्य में गिर रही गिरावट को देखते हुए को देखते हुए जबरन उठाकर ऋषिकेश के एम्स में भर्ती कराया गया था। स्वामी सानंद गंगा पर बनी चार परियोजनओं फाटा, सिंगोली, पीपल कोटी और धैलीगंगा परियोजनओं को बंद कराना चाहते थे। ताकि गंगा को जल स्वच्छ व निर्मल बना रहे। बता दे कि पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल जोकि आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर थे। जिन्होंने कुछ सालों पूर्व सन्यास लेेकर स्वामी सानंद बने थे। स्वामी सानंद की मौत की खबर मिलते ही पर्यावरणविद प्रेमियों मे शोक की लहर दौड़ गयी है। वहीं जिला प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। जबकि मातृ सदन के संत स्वामी शिवानंद सरस्वती स्वामी सानंद की मौत के लिए केन्द्र सरकार, जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे है।
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। पर्यावरणविद स्वामी सानंद की आज ऋषिकेश एम्स में निधन हो गया। जिनको जिला प्रशासन ने बुधवार को तप से जबरन उठाकर एम्स में भर्ती कराया गया था। स्वामी सानंद पिछले 111 दिनों से गंगा पर बनी परियोजनों के विरोध् में तप पर बैठे थे। वहीं मातृ सदन के संत स्वामी शिवानंद सरस्वती ने हत्या करार दिया है। जिसके लिए केन्द्र सरकार, जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। बताते चले कि पिछले 111 दिनों से अनशन पर बैठे स्वामी सानंद को जिला प्रशासन ने उनके स्वास्थ्य में गिर रही गिरावट को देखते हुए को देखते हुए जबरन उठाकर ऋषिकेश के एम्स में भर्ती कराया गया था। स्वामी सानंद गंगा पर बनी चार परियोजनओं फाटा, सिंगोली, पीपल कोटी और धैलीगंगा परियोजनओं को बंद कराना चाहते थे। ताकि गंगा को जल स्वच्छ व निर्मल बना रहे। बता दे कि पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल जोकि आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर थे। जिन्होंने कुछ सालों पूर्व सन्यास लेेकर स्वामी सानंद बने थे। स्वामी सानंद की मौत की खबर मिलते ही पर्यावरणविद प्रेमियों मे शोक की लहर दौड़ गयी है। वहीं जिला प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। जबकि मातृ सदन के संत स्वामी शिवानंद सरस्वती स्वामी सानंद की मौत के लिए केन्द्र सरकार, जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे है।
