काॅलोनीवासियों ने किया कोतवाली में हंगामा
दरोगा पर लोगों को धमकाने का आरोप
वरिष्ठ पत्रकार से भी की जमकर अभद्रता
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। उत्तराखण्ड मित्र पुलिस का सलोग्न कितना सार्थक होता नजर आ रहा है। जिसका प्रमाण सोमवार को उस वक्त देखने को मिला, जब पुलिस शराब तस्कर को पकड़ नहीं पायी, तो व्यापारी को ही शराब कारोबारी बना दिया। और उसको पकड़कर कोतवाली ले आयी। जब क्षेत्र की जनता व्यापारी के पक्ष में पहुंची तो दरोगा उल्टा उन्हीें की अपने मोबाइल से वीडियों ग्राफी कर उनको डराने का प्रयास करते देखा गया। एसएसआई ने भी माना कि शराब तस्कर कोई ओर था, व्यापारी को तो पूछताछ के लिए लाया गया है। शायद वह आरोपी को पहचानता हो। जिसके सम्बंध् में पूछताछ की जा रही है। शुक्र हैं कि एसएसआई ने तो व्यापारी को शराब कारोबारी नहीं माना, जबकि दरोगा शराब कारोबारी बनाने पर तुला नजर आया। जानकारी के अनुसार सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि नहर पटरी पर बसी राजीव नगर कालोनी में कोई व्यक्ति स्कूटर पर अवैध् शराब से भरा बोरा लेकर जा रहा है। ज्वालापुर पुलिस के दरोगा विनेश रावत ने उक्त सूचना पर मौके पर पहुंचकर शराब तस्कर का पीछा किया। लेकिन शराब तस्कर पुलिस को देखकर अपना स्कूटर छोड़कर भाग गया और पास के एक घर में घुस कर दीवार कूदकर भाग गया। बताया जा रहा हैं कि दरोगा विनेश रावत शराब कारोबारी का पीछा करते हुए उस मकान में घुस गए और उस मकान मालिक तेजश्वी गुप्ता को ही पकड़कर ले आये। जब आसपास के लोग ने कोतवाली पहुंचकर दरोगा से तेजश्वनी गुप्ता को पकड कर लाने के सम्बंध् में जानकारी चाही। दरोगा ने क्षेत्र के लोगों को बताया कि तेजश्वी गुप्ता को ही अवैध् शराब के साथ पकड़ा है। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जब अवैध शराब कारोबारी का पीछा किया तो स्कूटर चलाने वाला भाग गया और स्कूटर पर पीछे बैठ व्यक्ति जो भारी शराब के साथ पकड़ा लिया। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना दरोगा के बयानों से उलट है उनका कहना है कि दरोगा विनेश रावत एक निर्दोष व्यक्ति को पकड़कर ले आयी और असली दोषी को छोड़ आयी। जबकि मकान मालिक तेजस्वी गुप्ता अपनी परचून की दुकान में बैठा था और उसका अवैध् शराब के कारोबार से कोई लेना देना नही है। लेकिन दरोगा क्षेत्र के लोगों की दलिल सुनने को तैयार नही थे। आरोप हैं कि दरोगा व्यापारी के पक्ष में गये लोगों को डराने के लिए अपने मोबाइल से उनकी वीडियों ग्राफी करनी शुरू कर दी। जब एक वरिष्ठ पत्रकार मनोज सैनी भी मौके पर पहुंचे तो दरोगा ने उनसे भी जमकर अभद्रता करते हुए उनकी एक नहीं सुनी और उल्टा उनकी भी वीडियों बनानी शुरू कर दी। आरोप हैं कि दरोगा विनेश रावत ने वर्दी का रोब दिखाते हुए कोतवाली में जमा महिलाओं और पुरुषों को धमकाना शुरू कर दिया। जबकि मौहल्ले की महिलाओं का आरोप हैं कि भगवत नाम का व्यक्ति पुलिस की मिली भगत से अवैध् शराब का कारोबार करता है और नहर पटरी पर बसी कालोनी में पुलिस के संरक्षण में ही अवैध् शराब का कारोबार फल फूल रहा है। जब मामले के सम्बंध् में एसएसआई संजीव थपलियाल से जानकारी चाही तो उन्होंने माना कि शराब कारोबारी तो फरार हो गया। लेकिन जिसके मकान में कारोबारी घुसा था पुलिस उसको पूछताछ के लिए लायी है। ताकि उससे पता चल सकें कि शराब कारोबारी कौन था? एसएसआई ने माना कि मकान स्वामी शराब कारोबारी नहीं है और ना ही उससे कोई शराब पकड़ी गयी है। शराब कारोबारी तो कोई ओर था। पुलिस तो केवल असली शराब कारोबारी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
