
होम्योपैथिक चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक को किया नहर पटरी पर तैनात
मुकेश वर्मा/ अजय नेगी
हरिद्वार। कांवड मेले में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय जिला अस्पताल के चिकित्सक को सैक्टर मजिस्ट्रेट बना दिये जाने के कारण मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। चिकित्सक को पुल जटवाड़ा के समीप नहर पटरी पर तैनात किया गया हैं जिसकारण अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों को बैंरग लौटना पड़ रहा हैं। बताते चले कि कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराना शासन प्रशासन के लिए एक चुनौती हैं। इसलिए कांवड मेले की व्यवस्था के साथ-साथ कांवडियों की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये है। मेले में जहां व्यापारियों, राजनीतिक दलों सहित समाजिक संगठनों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा एसपीओ यानि विशेष पुलिस अधिकारी बनाते हुए उनको कार्ड वितरित किये गये है। जिनकी जिम्मेदारी अपने अपने क्षेत्र में आपसी तालमेल के साथ साथ कांवड मेले को निर्विग्ध् सम्पन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करना है। वहीं सरकारी कार्यालयों में तैनात कर्मियों व अधिकारियों की भी मेले में सेवायें ली जा रही है। ऐसे में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ गणेश सिंह बुद्धियाल को भी कांवड मेले में सैक्टर मजिस्ट्रेट बनाकर मेले में लगाया गया है। चिकित्सक के मेले में ड्यूटी लगाये जाने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बैंरग वापस घर लौटना पड़ रहा है। यदि मरीज का पूर्व में उपचार चल रहा हैं तो वहां पर तैनात फार्मेसिस्ट द्वारा उनको लिखी लिखाई दवा देकर भेजा जा रहा है। नये मरीजों को चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण अस्पताल पहुंचने वाले मरीज प्रशासन द्वारा चिकित्सक को अस्पताल से हटाकर मेले में सैक्टर मजिस्ट्रेट बनाने के निर्णय पर हैरानी जता रहे है। मरीज द्वारा नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि कांवड मेले में सैक्टर मजिस्ट्रेट बनाने से अधिक चिकित्सक की सब से ज्यादा जरूरत अस्पताल में होती है। राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय जिला अस्पताल में केवल एक ही चिकित्सक तैनात हैं और उसी को अस्पताल से हटाकर मेले में सैक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया। चिकित्सक रहित अस्पताल को खोलने से क्या लाभ, इसलिए कांवड मेले के दौरान राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय जिला अस्पताल को बंद कर दिया जाना चाहिए। यह केवल एक मरीज की पीडा नहीं थी बल्कि वहां पहुंचने वाले हर मरीज की थी जोकि वहां पर अपना उपचार के लिए पहुंच रहा था।
