कश्मीर में धारा 370 हटना चाहिए
आतंकी प्रभावित क्षेत्रों में मानवाधिकार की समीक्षा होनी चाहिए
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। प्रख्यात चिंतक,विचारक,लेखक के.एन.गोविंदाचार्य ने कहा है कि व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश,यह सबकी भावना होनी चाहिए। उन्होंने पुलवामा हमले के संदर्भ में कहा कि आतंकी हमला खुफिया तंत्र की चूक को दर्शाता है। सरकार को विपक्षीदलों की आवाज सुननी चाहिए,विपक्ष को विश्वास में लेकर संवाद को ज्यादा बढ़ावा देना चाहिए। कहा कि समाजिक संगठन आगे बढ़कर सरकार पर दवाब बनाये,ताकि जनमानस की भावना को साकार किया जा सके। कश्मीर में धारा 370 हटना चाहिए, साथ ही आतंकी प्रभावित क्षेत्रों में मानवाधिकार की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संवादहीनता लोकतंत्र के लिए शुभ नही है। श्री गोंविदाचार्य यहां प्रेस क्लब सभागार में क्लब द्वारा आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे। वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए श्री गोविंदाचार्य ने कहा कि भारत की नई पीढी अंध्विश्वास से मुक्त हो रही है। भारतीय सामजिक व्यवस्था इतनी मजबूत हे कि वह किसी भी अव्यवस्था को खत्म करके नया रास्ता बना सकती है। भारत को भारतीय नजरिये से देखने की कोशिश करना होगा,राम ने रामत्व को कायम रखते हुए रावण का संहार किया था, उसी तरह भारतीय संस्कृति और भारतीयता को कायम रखते हुए देशविरोधी विरोधी ताकतों को खत्म करना होगा। कहा कि संवेदनहीनता लोकतंत्र के लिए शुभ नही है। रूल्स आफ गेम्स पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। व्यवस्थात्मक सवालों को बढ़ाना लोकतंत्र के लिए जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि अभी देश में न्याय व्यवस्था और चुनावी प्रतिक्रा में सुधार की जरूरत है। कहा कि आर्थिक उदारीकरण के दौर में जीवन के मूल्य बदलने लगे है।,जीवन स्तर और रहन-सहन बदलने लगा है। भारत सिविलाइजेशन की लड़ाई लड़ रहा है। समाज का स्मृति भंग हुआ है, जो होना समाज के लिए संकटपूर्ण होगा। इतिहास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 1900 से 1950 तक भारत में समाजवाद का ज्यादा प्रभाव रहा, वही 1950 से 2000 तक सम्प्रदायिकता और 2000 से अब तक सम्प्रदायिकता की जगह हिन्दुत्व का दौर हो चला है। लेकिन अब समाज में हिन्दुत्व से अलग गौ और गंगा महत्वपूर्ण हो चला और गौ-गंगा को लेकर जनमानस में चिन्ता बढ़ी है। एक समान शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए कहा कि आज के दौर के राजनीति में धन और बल का लेप चढ़ा है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की जरूरत बताते हुए कई उदाहरण भी दिए। इससे पूर्व उनके साथ स्वदेशी आंदोलन को चला रहे सामाजिक कार्यकत्र्ता रूपेश ने कहा कि देशभक्त साबित करने के लिए मोमबत्ती लेकर सड़कों पर निकलने की जरूरत नही है।देश का रास्ता सिपर्फ गाॅधी के आदर्शो पर ही है। इससे पूर्व संगोष्ठी का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्जवलन करके किया गया। संगोष्ठी में आये अतिथियों का स्वागत क्लब अध्यक्ष डा.शिवशंकर जायसवाल ने किया,जबकि संगोष्ठी को पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने भी संबोधित किया। डा.रजनीकांत शुक्ल व टी.सी.भटट् के संचालन एवं महासचिव ललितेन्द्र नाथ के धन्यवाद ज्ञापन में हुई संगोष्ठी में श्री गंगा सभा अध्यक्ष पुरूषोत्तम शर्मा गाॅधीवादी,पदम् श्री खालिद जहीर,भाजपा नेता विमल कुमार,मही नारायण झा,नरेश मोहन,नईम कुरैशी,धर्मपाल सिंह ठेेकेदार, चौध्ररी रफी खान,अनिल गुप्ता के अलावा वरिष्ठ पत्रकार प्रो.पीएस चौहान,कौशल सिखौला, उपाध्यक्ष श्रवण झा,समारोह सचिव राजकुमार,कोष सचिव रामेश्वर शर्मा, पूर्व अध्यक्ष बृजेन्द्र हर्ष, गुलशन नैयय्रर, रघुवीर सिंह,दीपक नौटियाल,राजेश शर्मा,संदीप शर्मा,कुलभूषण शर्मा,मुकेश वर्मा,डा.हिमांशु दिवेद्वी,राजेन्द्र नाथ गोस्वामी,अमितशर्मा,विक्रम छाछर,छायाकार तनवीर अली,संतोष उपाध्याय,शिवा अग्रवाल,शिवप्रकाश,ठाकुर शैलेन्द्र सिंह,अश्वनी अरोड़ा,रामचन्द्र कन्नोजिया,अविक्षित रमन,मेहताब आलम,बालकृष्ण शास्त्राी,नौशाद खान,राजन सहगल सहित कई सदस्य मौजूद रहे। संगोष्ठी में अतिथियों को प्रेस क्लब और गंगा सभा की ओर से शाॅल और स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये।
