ग्रामीण सीट पर कांग्रेस की जीत-हार हरदा को करेगी प्रभावित
हरिद्वार व ग्रामीण सीट पर नेताओं व जनता में उत्सुकता
10 मार्च को ईवीएम मशीन करेगी प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। उत्तराखण्ड में किस की सरकार बनेगी और जनपद हरिद्वार में 11 विधानसभा सीटों पर कौन सी पार्टी या फिर कौन निर्दलीय प्रत्याशी जीत हासिल करेगा। जनता के बीच इस उत्सुकता अब पटाक्षेप अब एक दिन बाद होने वाला है। 10 मार्च को ईवीएम मशीन में कैद जनता के मत जनपद हरिद्वार के 11 विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कर देगी। जनपद हरिद्वार में सब से ज्यादा हार्ट सीट रही हरिद्वार और ग्रामीण विधानसभा सीट पर भाजपा व कांग्रेस के बीच काटे की टक्कर रही थी। इनमें कौन बाजी मारेगा और किस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ेगा। इस का फैसला गुरूवार को हो ही जाएगी। मतगणना में एक दिन बीच शेष हैं लेकिन विधानसभा चुनावी रण में उतरे सभी प्रत्याशियों में बैचेनी बनी हुई है।
बताया जा रहा हैं कि हरिद्वार और ग्रामीण विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों की जीत-हार पर कुछ सट्टोरियों की भी बराबर नजर बनी हुई हैं और लाखों का सट्टा लगाने की बात भी सामने आ रही है। लेकिन इतना तय हैं कि हरिद्वार के इतिहास में विधानसभा चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के बीच काटे की टक्कर को याद किया जाएगा। बताते चले कि विधानसभा चुनाव 2022 के परिणामों के लिए 10 मार्च को मतगणना शुरू हो जाएगी। जिला निर्वाचन आयोग ने मतगणना के सम्बंध् में अपनी पूरी कर ली है। वहीं विधानसभा चुनाव में इस बार उत्तराखण्ड में किसी पार्टी की सरकार बनेगी। इस बात की उत्सुकता भी जनता के बीच जबदस्त देखी जा रही है। वहीं जनपद में 11 विधानसभा सीटों पर कौन सी पार्टी व निर्दलीय प्रत्याशी के सिर जीत का सेहरा बंधेगा। इसको लेकर राजनीतिक दलों के बीच काफी गहमा गहमी बनी हुई है।
अगर हम जनपद की 11 विधानसभा सीटों पर सब से अधिक हार्ट सीट हरिद्वार और ग्रामीण विधानसभा सीट की बात करें तो, इन सीटों पर केवल जनता की ही नहीं बल्कि भाजपा व कांग्रेसी के दिग्गज नेताओं की भी बराबर नजर बनी हुई है। हरिद्वार सीट पर कांग्रेसी प्रत्याशी सतपाल ब्रहा्रचारी के सामने चार बार के विधायक भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक सामने है। भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक के सम्बंध् में एक कहावत हरिद्वार में अधिकांश लोगों के मुंह से सुनी जा रही हैं कि मदन कौशिक को अपने खिलाफ जाते चुनाव को अपने पक्ष में करने में महारथ हासिल है। इस बार देखना हैं कि लोगों की यह धारणा बनी रहती हैं या फिर जनता के मतदान के आगे टूटती-बिखरती है।
इतना तय हैं कि हरिद्वार विधानसभा का चुनाव सतपाल ब्रहा्रचारी और मदन कौशिक के राजनीतिक भविष्य का फैसला जरूर करेगा। वहीं ग्रामीण विधानसभा सीट पर हार्ट इसलिए मानी जा रही हैं कि इस सीट पर कांग्रेसी प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत भाजपा विधायक प्रत्याशी स्वामी यतीश्वरानंद की सीधी टक्कर रही है। ग्रामीण विधानसभा सीट पर अनुपमा रावत की जीत व हार का असर सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की राजनीतिक सोच व उनकी लोकप्रियता का निर्धारण करेगी। देखते हैं कि हरिद्वार और ग्रामीण विधानसभा सीट पर कांग्रेस या फिर भाजपा कौन सी पार्टी बाजी मारती है ?। जिसका राजनीतिक पार्टियां और जनता दोनों ही उत्सुकता से 10 मार्च को होने वाले मतगणना के परिणामों का इंतजार कर रही है।
