झोपड़ी में चोरी के इरादे से घुसे मोगली की पीटने से हुई थी मौत
मृतका की मां ने कराया था मोगली के चार दोस्तों पर हत्या का मुकदमा
हत्या में चारों युवकों की संलिप्ता ना मिलने पर मुकदमें से नाम हटाये
गुमराह करने के इरादे से हत्यारोपियों ने शव रेलवे ट्रैक के पास फैंका
पुलिस वादरात की रात झोपड़ी में मौजूद एक बाबा की तलाश में जुटी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। एक सप्ताह पूर्व आकाश उर्फ मोगली की हत्या का खुलासा करते हुए कोतवाली नगर पुलिस और सीआईयू की सयुंक्त टीम ने महिला शराब तस्कर समेत दो को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान हत्यारोपियों ने चोरी के शक पर मोगली की पीटाई करने पर उसकी मौत हो जाने तथा पुलिस को गुमराह करने के इरादे से उसके शव को रेलवे ट्रैक के पास फैंकने की बात कबूली है। पुलिस ने हत्यारोपी दोनों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। जिनको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।मृतका की मां के द्वारा मृतक के चार दोस्तों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन जांच के दौरान चारों की हत्या में कोई संलिप्ता नहीं मिलने पर उनके नाम मुकदमें से हटा दिये गये है। इस बात की जानकारी एसएसपी अजय सिंह ने मंगलवार को रोशनाबाद स्थित पुलिस कार्यालय सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 23 की सुबह कोतवाली नगर पुलिस ने लोगों की सूचना पर ब्रहा्रपुरी क्षेत्र स्थित रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध हालत में एक युवक का शव बरामद किया था, जिसके शरीर पर चोट के निशान थे। मृतक की पहचान आकाश उर्फ मोगली निवासी झंलकारी बस्ती कोतवाली नगर हरिद्वार के तौर पर हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपूर्द कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोगली की हत्या सिर पर चोट लगने के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत का कारण स्पष्ट हो जाने के बाद पुलिस ने मृतक की मां श्रीमती पूनम की तहरीर पर 05 अगस्त को हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
मृतका की मां ने मोगली की हत्या का शक उसके चार दोस्तों में जाहिर करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। हत्या का खुलासा करने के लिए उनके द्वारा कोतवाली नगर पुलिस के साथ सीआईयू टीम को भी शमिल किया गया। पुलिस टीम ने युवक के हत्यारों तक पहुंचने के लिए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुए हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान संदिग्ध ने अपना नाम मुकेश चंदारिया पुत्र मोहन लाल निवासी मौहल्ला ब्रह्मपुरी कोतवाली नगर हरिद्वार बताते हुए खुलासा किया कि 30 जुलाई की रात को वह अपने साथी के साथ शराब पीकर अवैध रूप से शराब बेचने वाली महिला की झोपड़ी में लेटा था कि तभी मोगली ने झोपड़ी में पहुंचकर चोरी करने का प्रयास किया।
महिला और उसने मोगली को रंगेहाथोें पकड़ लिया। इससे पूर्व भी उसके पांच हजार रूपये चोरी हुए थे। मोगली उनसे छुटकर भाग निकला, लेकिन उन्होंने उसका पीछा कर कुछ ही दूरी पर उसको पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर डाली, जिससे उसकी मौत हो गयी। जिसके बाद उन्होंने पुलिस व लोगों को गुमराह करने के लिए मोगली के शव को रेलवे ट्रैक के पास फैंक दिया। पुलिस टीम ने हत्यारोपी मुकेश की निशानदेही से हत्या की वारदात में शामिल महिला शराब माफिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
कप्तान ने बताया कि पूछताछ के दौरान हत्यारोपी महिला ने अपना नाम भगवती पत्नी मनोहर निवासी झलकारी बस्ती बिल्केश्वर रोड हरिद्वार बताते हुए हत्या की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। जिनको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस वारदात की रात झोपड़ी में हत्यारोपियों के साथ मौजूद बाबा की तलाश कर रही है।
मृतका की मां की ओर से चार युवकों के खिलाफ दर्ज कराये गये मुकदमें में उनकी हत्या में कोई संलिप्ता ना पाये जाने पर पुलिस ने उनके नाम मुकदमें से निकाल दिये है। पत्रकार वार्ता के दौरान हत्या का खुलासा करने वाली टीम में शामिल सीआईयू प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह, कोतवाली नगर एसएसआई मुकेश थलेड़ी, कांस्टेबल सौरभ नौटियाल, कांस्टेबल अमित भट्ट, महिला कांस्टेबल गुरप्रीत कौर, कांस्टेबल निर्मल, कांस्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल चालक सुभाष आदि मौजूद रहे।
