शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ आंदोलन को टीचर वेलफेयर एसोसिएशन ने दिया समर्थन
मांगों का निस्तारण शीघ्र ना होने पर वेलफेयर एसोसिएशन भी करेगा आंदोलन
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पूर्व प्रस्तावित आंदोलन के क्रम में आज शिक्षणेत्तर संघठन के तत्वाधान में गुरुकुल ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार और प्रशासनिक भवन व मुख्य परिसर हर्रावाला देहरादून के कर्मचारियों द्वितीय प्रथम चरण के प्रथम दिवस 3 घंटे (10 बजे से 1 बजे) तक अपने-अपने परिसरो में कार्य बहिष्कार किया गया। ऋषिकुल परिसर में कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती संध्या रतूड़ी तथा संचालन चंद्र प्रकाश ने तथा गुरुकुल आयुर्वेद कालेज में अध्यक्षता जगजीत सिंह केंतुरा तथा रमेश ने संचालन किया। वहीं मुख्य परिसर में लक्ष्मी उनियाल द्वारा आंदोलन को संचालित किया गया। जिसमें सभी कार्मिकों ने अपनी सहभागिता निभाई।
आयुर्वेद विश्वविद्यालय के टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर उपस्थित होकर लिखित रूप से शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। विश्वविद्यालय टीचर वेलफेयर संघ के पदाधिकारी डॉक्टर संजय त्रिपाठी, डॉक्टर कृष्ण कुमार शर्मा, तत्कालीन कुल सचिव सुरेश चौबे ने संयुक्त रूप कहा कि यदि विश्व विद्यालय कार्मिकों की मांगो का निस्तारण समय से नहीं करता तो शिक्षक संघ को भी आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
इस दौरान उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के उपसचिव सुमित कुमार, कोषाध्यक्ष अनिल सिंह नेगी व कर्मचारी संघ के जेपी चाहर ने संयुक्त रूप से कहा कि कर्मचारियों की मांगों को नजरअदांज कर किया जा रहा हैं। विश्व विद्यालय में कार्यरत कार्मिकों का दो माह से वेतन नहीं मिला है, वेतन के अलावा भी अन्य मांगे हैं। लिखित रूप से आश्वस्त करने के उपरांत भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति पर भी अपनी प्रशासन चुप्पी साधे हुवे है। यदि जल्द ही हमारी मांगो का निस्तारण नहीं किया तो हमको विवश होकर आंदोलन को उग्र रूप देना पड़ेगा।
संघ के सलाहकार विवेक जोशी तथा ममता कठायत, चंदन सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कार्मिकों को बार-बार झूठा आश्वासन देकर अपनी मनमानी करता रहा है, नर्सिंग, एक्सरे टेक्नीशियन के 4600 ग्रेट पे के संबंध में बार-बार अनुरोध करता है । किंतु अब हम पीछे हटने वाले नहीं है, जब तक सभी मांगो का निस्तारण नहीं किया जाता हम आंदोलन को समाप्त नहीं करेंगे।
संघ की उपाध्यक्ष आनंदी शर्मा, उत्तम कुमार, संग के मंत्री शैलेश ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्व विद्यालय के मुख्य परिसर में चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है। प्रशासनिक भवन में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सालय में फार्मासिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट ,नर्सिंग संवर्ग में सहायक नर्सिंग आधिकारी , मैट्रन आधिकारी के पद सर्जित नहीं है। पदों के सृजन के लिए बार-बार प्रशासन से निवेदन किया जाता रहा है। प्रशासन पदों के सृजन के संबंध में उदासीनता व्यक्त बना हुवा है, जोकि कार्मिकों के लिए भविष्य व सामाजिक रूप से चिंताजनक विषय है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, आडिटर मोहित मनोचा नीमा ,नित्या, राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्व विद्यालय वेतन आदि अन्य मागों को निस्तरित करने में असमर्थ है, तो राजकीय ऋषिकुल गुरुकुल आयुर्वेद कालेज को पूर्व की भांति राज्य सरकार के नियंत्रण में कर दिया जाए। जिससे हमारा वेतन अन्य देयको का भुगतान कोषागार के माध्यम से हो सके।
आंदोलन में समीर पांडेय, चंद्रमोहन पैन्यूली, मीनाक्षी गौड, सुरेंद्र सिंह, जगजीत सिंह, कमल कुमार, नितिन कुमार, चंद्रपाल, रोहित कुमार, बीना मठपाल, राजपाल, मोनिका वर्मा, अमित लम्बा, चंद्र कला, सतीश कुमार, बृजेश, दिलबर सिंह सत्कारी, त्रिलोकी प्रसाद रमेश पंत, दीपक ज्योति, अनुभा भट्ट, शैलेश, प्रवीण रश्मि, नित्या बाला देवी केलाशो, विनोद कुमार, अमित कुमार, ममता बिष्ट, डॉली, आदि अन्य उपस्थित रहे।
