■वन विभाग और डब्लूसीसीबी ने भी निभाई एसटीएफ के साथ अहम भूमिका
■अन्तर्राष्ट्रीय वन्य जीव तस्कर कस्तूरी नेपाल से लेकर जा रहा था हरियाणा
■एसटीएफ की अब तक की हैं वर्ष 23 की यह 07 वीं बडी कार्यवाही
■पिछले 01 माह से एसटीएफ रखे हुई थी वन्य जीव तस्करों पर पैनी नजर
मुकेश वर्मा
देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ, वन विभाग और डब्लूसीसीबी की संयुक्त टीम ने सूचना पर नेपाली अन्तर्राष्ट्रीय वन्य जीव तस्कर को गिरफ्तार किया है। टीम ने नेपाली वन्य तस्कर से दो कस्तूरी बरामद की है। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ हैं कि नेपाली वन्य जीव तस्कर कस्तूरी को नेपाल से लेकर आया था और बेचने के लिए हरियाणा ले जा रहा था। नेपाली वन्य जीव तस्कर लम्बे समय से वन्य जीव के अंगों की तस्करी में लिप्त था। मृग उत्तराखण्ड राज्य का राज्यीय पशु है। नेपाली व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि तस्करों ने मृग का कहां और किस जगंल में शिकार किया था। एसटीएफ ने नेपाली वन्य जीव तस्कर के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

उत्तराखण्ड एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिली थी कि नेपाली अन्तर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर नेपाल से दो कस्तूरी लेकर भारत आ रहा है। इस सूचना को गम्भीरता से लेते हुए सीओ एसटीएफ सुमित पाण्डे के नेतृत्व में वन विभाग और डब्लूसीसीबी की संयुक्त टीम ने सूचना पर कार्यवाही करते हुए बताये गये हुलिये के आधार पर खटीमा पीलीभीत रोड से नेपाली अन्तर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर को दबोच लिया। जिसके पास से टीम ने दो कस्तूरी बरामद की। पूछताछ के दौरान तस्कर ने अपना नाम पूर्ने विश्वकर्मा उर्फ हरिओम पुत्र गगन बहादुर ग्राम चायकोट बडी केदार गाँव पालिका अंचल सेती जिला डोटी नेपाल बताते हुए खुलासा किया कि वह कस्तूरी को नेपाल निवासी पूरन नाम के व्यक्ति से लेकर हरियाणा ले जा रहा था। तस्कर ने लम्बे समय से वन्यजीव जन्तु के अंगो की तस्करी में लिप्त होना भी स्वीकार किया है। वन्यजीव तस्कर ने स्वीकार किया हैं कि उसने पूरन के साथ मिलकर नेपाल में दो हिरणो का शिकार कर कस्तूरी निकाली थी।
उन्होने बताया कि एसटीएफ ने वर्ष 23 में वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में, ये 7वीं बड़ी कार्यवाही है। जिसमें टीम द्वारा दुर्लभ कस्तूरी बरामद की गयी है तथा एक अन्तर्राष्ट्रीय तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है जोकि लम्बे समय से नेपाल से भारत में तस्करी कर रहा था। इन कस्तूरी मृग का शिकार कब-कहाँ किस जंगल में किस तरह किया गया, यह नेपाल वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। कस्तूरी मृग उत्तराखण्ड राज्य का राज्यीय पशु है। जिसे वन्यजीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है, इसका शिकार करना एक गम्भीर अपराध है, पकड़े गये तस्कर के विरुद्ध फॉरेस्ट विभाग खटीमा में वन्यजीव अधिनियम व वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। वन्य जीव तस्कर से बरामद की गयी दोनों कस्तूरी का वजन 64.55 ग्राम है।
डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी संदीप कुमार ने बताया कि हमारी वन विभाग की टीम द्वारा एसटीएफ के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान में खटीमा से एक अन्तर्राष्ट्रीय तस्कर को 02 कस्तूरी के साथ गिरफ्तार किया है जोकि नेपाल से तस्करी कर भारत ला रहा था। कस्तूरी मृग उत्तराखण्ड राज्य का राजकीय पशु है जिसे कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है। गिरफ्तार तस्कर के विरुद्ध वनविभाग खटीमा में सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है शीघ्र ही अन्य शिकारियों की गिरफ्तारी की जायेगी।
