14 दरोगाओ को सौपी जिम्मेदारी, 12 को दिया कुछ समय के लिए रिलैक्स
रिलैक्स के बाद दरोगाओं को मिल सकती हैं जनपद में बड़ी जिम्मेदारी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में कानून व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने दो दिन के भीतर 48 दरोगाओं के कार्य क्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। एसएसपी ने 10 अक्टूबर और 11 अक्टूबर की देर रात स्थान्तरित दरोगाओं के लिस्ट जारी की है। पहली लिस्ट में कप्तान ने 33 और दूसरी लिस्ट में 15 दरोगाओं के कार्य क्षेत्र बदले है। सम्भावना जताई जा रही हैं कि अभी ओर भी अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकते है। एसएसपी द्वारा भारी संख्या में दरोगाओ के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन कर जता दिया हैं कि वह जनपद में कानून व्यवस्था को लेकर बेहद गम्भीर व सवेंदनशील है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने 33 दरोगाओं के स्थान्तरण की पहली लिस्ट 10 अक्टूबर और दूसरी लिस्ट 11 अक्टूबर की देर रात जारी की है जिसके बाद अचानक हुए तबादले की जानकारी लगते ही स्थान्तरित हुए दरोगाओं ने अपने-अपने कार्य स्थल की ओर रवानगी की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों लिस्टों में कई दरोगाओं को प्रभारी की जिम्मेदारी सौपी गयी हैं, वहीं कुछ दरोगाओं को कुछ समय के लिए रिलैक्स दिया गया है। जनपद में बड़ी संख्या में हुए दरोगाओं के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन को जनता कानून व्यवस्था को ओर सुदृढ बनाने की कवायद मान रही है। एसएसपी ने लगातार दो दिनों के भीतर किये गये स्थान्तरित दरोगाओं 14 दरोगाओ को चौकी व थाने की जिम्मेदारी सौपी गयी है। जबकि 12 दरोगाओं से प्रभारी की जिम्मेदारी से हटाकर उन्हें कुछ समय के लिए रिलैक्स देने के लिए कोतवाली व थाने में तैनाती दी गयी है।

जिसके पीछे की वजह मानी जा रही हैं कि उनके प्रभारी या फिर एसएसआई रहते हुए 24 घंटे जिम्मेदारी को बोझ को कुछ कम करने के लिए कुछ समय के लिए रिलैक्स देने का प्रयास किया है। ऐसा नहीं कि जहां पर उन पुलिस अधिकारियों को तैनाती दी जा रही हैं उनकी काम की जिम्मेदारी कम नहीं होगी, बल्कि जिम्मेदारी तो अपनी ड्यूटी के प्रति जबाबदेही के साथ बनी रहेगी, लेकिन प्रभारी व एसएसआई की जिम्मेदारी से कुछ राहत जरूर मिलेगी। जिनको थोड़ा रिलैक्स देने के बाद उन्हें फिर से बड़ी जिम्मेदारी सौपी जा सकती है। दरोगाओं मेें बढते काम के बोझ को कम करने के लिए उनकी मनो स्थिति को देखते हुए रिलैक्स देने का प्रयास है। जिससे उनके अधिकारी चुस्थ व दुरूस्थ रहते हुए अपने ड्यूटी को पूरी जिम्मेदारियों, मनोयोग व पूरी लग्न और कर्मठता के साथ निभा सकें।
