


गैर भाजपाई पार्षदों ने लगाया निगम अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप
पार्षद अपने निजी खर्चे से सफाई कराने के लिए हो रहे मजबूर
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। नगर निगम के अधिकांश पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था न होने के कारण परेशान है। जिसको लेकर आये दिन निगम पहुंचकर अपने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था कराने के लिए हाथ जोडे खडे देखे जा रहे है। आरोप हैं कि उसके बावजूद भी नगर निगम अधिकारी शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर गम्भीर नहीं है। जबकि गत दिनों नगर विकास मंत्री ने सफाई व्यवस्था को लेकर सीसीआर टॉवर सभागार में निगम के अधिकारियों सहित पार्षदों व मेयर के साथ एक बैठक लेकर साफ शब्दों में सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को चेताया था। मगर उसके बावजूद भी सफाई व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते गैर भाजपाई पार्षद अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था अपने निजी खर्चे पर कराकर क्षेत्र के जनता को राहत दिलाने का प्रयास कर रहे है। इसी कडी में मंगलवार को वार्ड नम्बर 16 शिवलोक की पार्षद निशा नौडियाल के पति रोकश नौडियाल ने अपने निजी खर्चे से क्षेत्र में फैली गंदगी व कूडे के ढेर का साफ करवाते हुए क्षेत्र की जनता को राहत दिलाने का प्रयास किया। पार्षद पति राकेश नौडियाल का कहना हैं कि कई बार नगर निगम आयुक्त को क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के सम्बंध् में अवगत कराते हुए कूढे के अम्बार को हटवाने के लिए कह चुके है। आरोप हैं कि निगम अधिकारी गैर भापजपाई पार्षदों के क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को गम्भीरता से नहीं ले रहे है। जिससे गैर भाजपाई पार्षद व उनके क्षेत्र की जनता क्षेत्र में फैली गंदगी व सपफाई व्यवस्था न होने के कारण परेशान है। उन्होंने बताया कि आज निगम अधिकारियों की हठधर्मिता से हताश होकर उनको अपने निजी खर्चे से क्षेत्र की सफाई व्यवस्था करानी पड़ी है। बता दें कि यह हाल केवल एक-दो पार्षदों के क्षेत्र का नहीं बल्कि अधिकांश ऐसी ही शिकायत गैर पार्षदों की सामने आ रही है। मंगलवार की ही ज्वालापुर क्षेत्र के चार गैर भाजपाईयों पार्षदों के क्षेत्र से कई दिनों से कूडा नहीं उठाये जाने को लेकर हंगामा भी हुआ। सवाल उठता हैं कि आखिर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक के स्पष्ट चेताने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था में सुधर क्यों नहीं हो पा रहा हैं? यह शहरवासियों की समझ नहीं आ रहा हैं इसी बात को लेकर अब दूसरा सवाल खड़ा होता हैं कि नगर निगम अधिकारी के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उनके सामने केबिनेट मंत्री के आदेश भी बोने साबित हो रहे है और उनको हवा में उड़ाया जा रहा है। अगर ऐसा हैं तो वास्तव में यह शहर व प्रदेश के लिए बेहद चिंता का विषय अब उभर कर सामने आ रहा है।
